मॉस्को, एएफपी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी तुलना जार से किए जाने की चर्चाओं को खारिज किया है। कहा है- वह जार नहीं हैं। वह प्रतिदिन काम करते हैं और सुनते हैं कि लोग क्या चाहते हैं। इसलिए उन्हें जार जैसा बताना सही नहीं है। रूस में जार बादशाह या सुल्तान को कहा जाता था। उनका 370 साल का शासन अत्याचार और मनमानी के लिए जाना जाता है। सन 1917 में जनक्रांति से जारशाही का अंत हुआ था।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास से साक्षात्कार में पुतिन ने कहा, कोई भी किसी को जार कह सकता है। लेकिन मेरा मामला अलग है। मैं प्रतिदिन कार्य करता हूं, लोगों के लिए देशहित में कार्य करता हूं, इसलिए पद से त्यागपत्र नहीं दूंगा। साक्षात्कार में 2024 तक के कार्यकालों पर पुतिन ने कहा, यह सब लोगों की इच्छा पर संभव हुआ। स्पष्ट हुआ कि लोग क्या चाहते हैं। किसी भी देश की ताकत के प्राथमिक स्त्रोत उसमें रहने वाले आमजन होते हैं। उनकी इच्छा के मुताबिक कार्य करने से देश मजबूत होता है, यही वह कर रहे हैं। पुतिन ने कहा, 'मेरे लिए यह बहुत जरूरी है कि महसूस करूं कि लोग क्या चाहते हैं। जबकि जार सिंहासन पर बैठकर पूछता था कि लोगों ने उसके आदेश का पालन किया या नहीं। हां, में जवाब मिलने पर आईने खुद को देखकर वह खुश होता था।'

पुतिन के सार्वजनिक जीवन में 20 साल पूरे होने पर तास उनके साक्षात्कार की श्रृंखला तैयार कर रहा है। हालांकि 67 वर्षीय पुतिन को 83 साल की उम्र तक सत्ता में बनाए रखने की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। संसद और शीर्ष न्यायालय ने उस पर मुहर लगा दी है।

Posted By: Nitin Arora

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