मास्को,(रॉयटर्स)। रूस की सेना ने सीरिया के पूर्वी घोउटा से विद्रोही सेनानियों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षित मार्ग की गारंटी देने की पेशकश की है। एक बयान में, रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि विद्रोही सेनानियों जो वहां से जाने के लिए सहमत है उन्हें रूसी सेना परिवहन और एक सुरक्षित रास्ता प्रदान करेगी। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि विद्रोही सेनानी को अपने परिवार के साथ सीरिया छोड़ते समय अपने साथ व्यक्तिगत हथियार ले सकते हैं।

गौरतलब है कि सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी घोउटा इलाके में सीरियाई सरकार के हवाई हमले में बीते सात दिनों में करीब 500 नागरिकों की मौत हो गई थी। हालांकि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) सुरक्षा परिषद ने सीरिया में 30 दिनों के युद्ध विराम के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया है। लेकिन यहां पर एक बड़ा सवाल ये है कि सीरिया में जो हालात बन चुके हैं, इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? इसके अलावा युद्ध विराम से कहां तक शांति स्‍थापित होने की उम्‍मीद की जा सकती है। आपको बता कि सीरिया में चल रहे संघर्ष में अब तक लाखों लोग मारे जा चुके हैं और हजारों बच्‍चे अनाथ हो चुके हैं।

फरवरी में रूसी सेना और सहयोगियों द्वारा तेज किए गए हमलों में अभी तक 709 लोगों की मौत हो चुकी है। रूस ने यहां विद्रोहियों के खिलाफ ईस्टर्न घोउटा इलाके में अपना अभियान तेज कर दिया है। ब्रिटेन स्थित ऑब्जर्वेटरी के अध्यक्ष, रामी अब्देल रहमान के अनुसार, इस तरह के हमलों में कम से कम 166 बच्चों की भी जान गई है। सोमवार को ईस्टर्न घोउटा में फिर से रॉकेट हमले किए गए। वैसे बता दें कि सीरिया में सरकार समर्थित सेना ने पूर्वी घोउटा के हावश अल-दवाहिरा को अपने कब्जे में कर लिया है। राजधानी दमिश्क के निकट स्थित विद्रोहियों के कब्जे वाला एकमात्र इलाका था।

Posted By: Arti Yadav