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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

7 औरतों का वो बैंड, जो अपने संगीत के जरिए उड़ाता है रूसी राष्ट्रपति का मजाक

By Nidhi AvinashEdited By:
Published: Mon, 19 Dec 2022 04:24 PM (IST)

Pussy Riot Members रूस का एक म्यूजिक बैंड अपने गानों से ज्यादा विरोध प्रदर्शन के लिए क्यों सुर्खियों में है। ...और पढ़ें

7 औरतों का वो बैंड, जो अपने संगीत के जरिए उड़ाता है रूसी राष्ट्रपति का मजाक
7 औरतों का वो बैंड, जो अपने संगीत के जरिए उड़ाता है रूसी राष्ट्रपति का मजाक

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Pussy Riot Members: कतर में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप 2022 (fifa world cup 2022) का फाइनल दो मिनट के लिए रुक सकता था और मैच देखने वालों की उत्सुकता शायद कम भी हो जाती, अगर कुछ लोग मैच के दौरान मैदान में घुसकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर देते।

18 दिसंबर को फीफा विश्व कप का फाइनल हुआ जिसमें अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में हराते हुए खिताब अपने नाम किया। एक तरफ जहां स्टेडियम में फैंस खुशी से चीख-चिल्ला रहे थे, तो वहीं स्टेडियम के बाहर एक अलग ही नजारा देखने को मिला।

फ्रांस और अर्जेंटीना के मैच में डालने वाले थे खलल

फ्रांस और अर्जेंटीना का स्टेडियम के अंदर मैच चल रहा था, लेकिन कुछ लोग फायदा उठाकर इस मैच में खलल डालने की योजना बना रहे थे। मैच के दौरान कुछ रूसी प्रदर्शनकारी सुरक्षा में सेंध लगाकर बीच मैदान में घूसने का प्रयास करने लगे। सुरक्षाकर्मियों की नजर पड़ी और सभी को मैदान में घुसने से पहले ही रोक दिया। आखिर ये कौन लोग थे जो मैच में खलल डालना चाहते थे?

बता दें कि ये सभी लोग पुसी रॉयट (Pussy Riot Members) के सदस्य थे। बता दें कि रूस के पुसी रायट बैंड के सदस्य, यूक्रेन में हो रहे युद्ध, रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की कैद और ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के विरोध में विश्व कप फाइनल (World Cup Final) के दौरान मैदान में घुसकर प्रदर्शन करने की सोच रहे थे लेकिन उनकी ये योजना विफल हो गई। सभी को 18 दिसंबर को हिरासत में ले लिया गया है।

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2018 के फीफा विश्व कप के फाइनल में भी दिया था खलल

मॉस्को में 15 जुलाई 2018 को फ्रांस और क्रोएशिया के बीच फीफा वर्ल्ड कप फाइनल खेला गया था। मैच के दौरान भी रूस के पुसी रायट बैंड के सदस्य सुरक्षा में सेंध लगाकर बीच मैदान में घुस गए थे, जिसके कारण मैच कुछ मिनट के लिए रोक दिया गया था। हालांकि, इन सभी को सुरक्षाकर्मियों ने बाहर कर दिया था। मैच में बाधा डालने के कारण पुसी रायट बैंड के चार सदस्यों को 15 दिन के कारावास की सजा दी गई। रूस की अदालत ने सभी सदस्यों पर अगले तीन साल तक किसी भी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट में जाने पर भी रोक लगा दी थी।

क्या है पुसी रायट बैंड?

पुसी रायट बैंड एक महिलाओं का रॉक बैंड है, जो कि मॉस्को में स्थित है। इस बैंड में पहले कुल 11 सदस्य थे लेकिन अब इसमें केवल 7 ही मेंबर बच गए है। बैंड से आप समझ गए होंगे की ये गाने और म्यूजिक वीडियो बनाते होंगे। लेकिन ये अपने गाने और वीडियो से ज्यादा विवादों के लिए चर्चित है।

ये ग्रुप रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चर्च के कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठाने के कारण ज्यादा सुर्खियों में रहा। सवाल है कि आखिर एक म्यूजिक बैंड अपने गानों से ज्यादा विरोध प्रदर्शन के लिए क्यों सुर्खियों में है। बता दें कि इसकी एक बड़ी वजह है। ये संगठन आजादी की मांग कर रहा है। महिलाओं और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर ये बैंड हमेशा से आवाज उठाता रहा है। कतर में आयोजित फीफा विश्व कप में भी ये संगठन ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के विरोध में आवाज उठाने की योजना बना रही थी।

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पुसी रॉयट (Pussy Riot) की क्या हैं मांगे :

  • यूक्रेन में हो रहे युद्ध के विरोध में उठा रहे आवाज।
  • रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी को किया जाए आजाद।
  • ईरान में महिलाओं के साथ न हो उत्पीड़न।
  • सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी मिलनी चाहिए।
  • राजनीतिक रैलियों में होने वाली बेवजह की गिरफ्तारी पर लगे।

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