मास्‍को, एजेंसी । भारत और रूस एस-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम S-400 air defence missile systems का उत्‍पादन शुरू करने के लिए मास्‍को एवं नई दिल्‍ली के बीच संयुक्‍त वार्ता चल रही है। यह माना जा रहा है कि इस महीने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सजियो लावरोव से मॉस्‍को में मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच इस द्विपक्षीय सहयोग पर भी व्‍यापक चर्चा हुई थी। बता दें कि नई दिल्‍ली ने पिछले साल 5 अक्‍टूबर, 2018 को नई दिल्‍ली में 19वें भारत-रूस वार्षिक दिृवपक्षीय सम्‍मेलन के दौरान एस 400 की खरीद के लिए रूस के साथ 5.43 बिनियन डॉलर के सौदे पर हस्‍ताक्षर किए थे।  

उधर, रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव ने गत सप्‍ताह कहा था कि एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली को अनुसूची के अनुसार भारत में पहुंचाया जाएगा। बारिसोव ने बताया कि इसके लिए अग्रिम भुगतान हो चुका है, और सब कुछ ठीक रहा तो 18-19 महीने के भीतर शेड्यूल के अनुसार भारत को प्रदान किया जाएगा। रविवार को रूस के रोस्‍टेक राज्‍य निगम के सीइओ सर्गेई चेमेजोव ने कहा है कि हम भारत के साथ एस 400 रक्षा मिसाइल प्रणाली के तकनीकी स्‍थानीयकरण पर चर्चा कर रहे हैं।

चेमेजोव ने बताया कि भारत ने पहले ही बहुत सी रक्षा तकनीक के उत्‍पादन के लिए लाइसेंस प्राप्‍त कर लिया है। इसमें एसयू-33 फाइटर जेट, टी-90 टैंक स्‍पुतनिक की सूचना है। चेमेजोव ने कहा है कि हमने उनके साथ उनके क्षेत्र भारत के साथ मिलकर ब्रह्मोस मिसाइलें विकसित की है।

Posted By: Ramesh Mishra

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