मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

मास्‍को। रूस और चीन के बीच की दूरी जल्‍द ही कुछ मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह सब कुछ होगा केबल कार की वजह से। दो देशों के बीच इस तरह का यह पहला प्रोजेक्‍ट है जो केबल कार के जरिए पूरा होगा। इसके लिए 2020 की समय सीमा तय की गई है। यह सफर पहले से ज्‍यादा खूबसूरत और रोमांचक होगा। इसकी वजह है कि केबल कार के जरिए सफर करने वालों को दोनों देशों के बेहतरीन नजारे देखने को मिलेंगे।

यह केबल कार चीन के शहर हीहे (Heihe) से रूस के शहर ब्‍लागोवेशचेंस्‍क (Blagoveshchensk) के बीच अमूर  (Amur River) नदी पर होगी। आपको बता दें कि रूस और चीन के बीच बहने वाली ये नदी करीब 2900 किमी के दायरे में बहती है। इसके दोनों ही तरफ दोनों देशों के करीब सात शहर हैं। अभी तक इन दोनों शहरों के बीच लोगों की आवाजाही का एक मात्र साधन छोटी या बड़ी नौकाएं हुआ करती थीं। सर्दियों के समय में यह नदी पूरी तरह से जम जाती है। केबल कार के आ जाने से इन दोनों शहरों के बीच आवाजाही आसान हो सकेगी। इसके अलावा यह पर्यटन को बढ़ाने में भी सहायक साबित होगी।

केबल कार के हर केबिन में साठ सीट होंगी। इसके अलावा इसमें लगेज के लिए अलग से स्‍पेस होगा। यह कार हर पंद्रह मिनट में एक जगह से दूसरी जगह जाएगी। इसका डिजाइन डच आर्किटेक्‍ट ने तैयार किया है। केबल कार दुनिया के लिए एक नया कंसेप्‍ट बनकर सामने आया है, जो न सिर्फ फास्‍ट है बल्कि दूसरे विकल्‍पों से सस्‍ता भी है।

 

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Posted By: Kamal Verma

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