नई दिल्ली [स्‍पेशल डेस्‍क]। ब्रिटेन में नर्व एजेंट से हुई पूर्व रूसी जासूस सर्गी स्क्रिपल की मौत अब दोनों देशों के बीच तनाव खड़ा करती दिखाई दे रही है। आलम यह है कि अमेरिका इस मामले में अब खुले तौर पर ब्रिटेन के साथ आ खड़ा हुआ है और इसको लेकर रूस पर सीधा आरोप लगा रहा है। इसके अलावा ब्रिटेन ने रूस को इस मामले में जवाब देने के लिए आज तक का समय दिया है। ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि यदि इस मामले में रूस से संतोषपूर्ण जवाब नहीं दिया तो वह इसको ब्रिटेन के खिलाफ गैरकानूनी रूप से बल उपयोग किया गया मानेगा। ब्रिटेन का यह भी कहना है कि यदि ऐसा नहीं है तो यह अनदेखी की वजह से हो सकता है, जहां जानलेवा हमला किसी गलत व्‍यक्ति के हाथों में आ गया हो।

अल्टीमेटम ठुकराया

हालांकि रूसी प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के अल्टीमेटम को ये कहते हुए ठुकरा दिया है कि जब तक ब्रिटेन उन्हें हत्या में इस्ते‍माल पदार्थ का सैंपल नहीं देते हैं, उनके अनुरोध पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। वहीं अमेरिका का कहना है कि इसके लिए रूस पूरी तरह से जिम्‍मेदार है और उसको ब्रिटेन द्वारा की जा रही जांच पर पूरा भरोसा है। अमेरिका की तरफ से यह भी कहा गया है कि रूस ने ब्रिटेन की धरती पर उसके नागरिकों को मारने के लिए जानलेवा पदार्थ का इस्‍तेमाल किया है। कुल मिलाकर इस मौत ने दो देशों के बीच खासा तनाव पैदा कर दिया है।

सर्गी ऐसे नहीं अकेले एजेंट

आपको यहां पर ये भी बता दें कि सर्गी ऐसे पहले रूसी एजेंट नहीं हैं, जिनकी हत्‍या की गई हो। इससे पहले एलेक्‍जेंडर लिटविनेंको की 2006 में हत्‍या कर दी गई थी। वह वर्ष 2000 में ब्रिटेन छोड़कर भागे थे। उनकी हत्‍या की वजह रेडियो‍एक्टिव पोलोनियम 210 बताया गया है। उनकी हत्‍या के आरोप ड्यूमा के डिप्‍टी ऐंड्रे लूगोवॉए पर लगा था, लेकिन उन्‍होंने हत्‍या की बात को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके अलावा ब्रिटेन में रूसी बिजनेसमैन की हत्‍या को लेकर भी मास्‍को के खिलाफ अंगुली उठी थी, लेकिन ब्रिटेन को इसका कोई सबूत नहीं मिल सका था।

कौन होता है डबल एजेंट

सर्गी पर बात करने से पहले हम आपको बता देते हैं कि जिस भूमिका में वह थे, आखिर वो डबल एजेंट होता क्‍या है। दरअसल, हर देश अपने जासूसों को दूसरे देशों की खुफिया सूचना पाने के लिए अन्‍य देशों में तैनात करता है। एजेंट का काम वहां से गोपनीय सूचना देना होता है, जिसके आधार पर देश अपनी रणनीति भी बनाते हैं। लेकिन कई बार ये एजेंट पैसों के या फिर दूसरे लालच में आकर उन्‍हीं देशों के हाथों बिक जाते हैं जहां इन्‍हें तैनात किया होता है। ऐसे में यह एजेंट घातक हो जाते हैं, क्‍योंकि यह दोनों की सच्‍ची या झूठी खबरों को आदान-प्रदान करने का काम करने लगते हैं। सर्गी स्क्रिपल भी यही काम कर रहे थे। 

सर्गी के पास भी होंगी जरूरी जानकारियां

आपको यहां पर ये भी बता दें कि किसी देश के खुफिया तंत्र के लिए काम करने वाले एजेंट जितना किसी देश के लिए फायदेमंद होते हैं उतना ही खतरनाक भी होते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि उनके पास में हमेशा उन चीजों की जानकारी होती है जो किसी देश को परेशानी में डाल सकती है। इस बात को समझने के लिए इराक की सत्‍ता को पलटने में अहम भूमिका निभाने वाले और वहां पर एक डिप्‍लोमेट के तौर पर काम कर रहे एफबीआई एजेंट का जिक्र किया जा सकता है। इस एजेंट का कोडनेम अप्रैलफूल था। इसके जरिए अमेरिका ने गलत सूचनाएं इराक में भिजवाई थीं, जिससे सरकार भटक गई और गलत फैसले लिए गए। इसका फायदा अमेरिका ने वहां की सत्‍ता को पलट कर लिया था। ऐसे में यदि सर्गी की ही बात की जाए तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि सर्गी के पास भी कुछ जरूरी जानकारियां जरूर रही होंगी, जिसकी वजह से उनकी हत्‍या कर दी गई।

सर्गी की सर्विस का कोडनेम था ‘फोर्थविद’

सर्गी 1980-90 में रशियन मिलिट्री इंटेलिजेंस में थे। इस दौर में इस सर्विस का कोडनेम फोर्थविद था। इसी नाम से यह रूस में पहचाने जाते थे। लेकिन उन्‍हें काम के लिए ब्रिटेन में भेजा गया था, वह उससे हट गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह एक ब्रिटेन के जासूस के संपर्क में थे जहां से उन्‍हें रूस की खुफिया सूचनाएं देने के एवज में हर मीटिंग के 5000 पाउंड मिलते थे। इसका खुलासा होने पर उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया। वर्ष 2004 में उन्‍हें 13 वर्षों की सजा सुनाई गई थी।

इस वजह से रिहा किए गए सर्गी

वर्ष 2010 में अमेरिका में रूसी एजेंट की गिरफ्तारी के बाद उसे रिहा करवाने के लिए रूस को सर्गी को जेल से रिहा करना पड़ा था। यहां पर जासूसों की अदला-बदली पर सहमति बनी थी, जिसके बाद सर्गी को रिहा कर दिया गया था। इसके बाद उन्‍होंने सेलिसबरी को अपना घर बनाया था। पिछले ही वर्ष सेंट पिट्सबर्ग में सर्गी के बेटे का लीवर फेल होने से निधन हो गया था, लेकिन सर्गी ने ऐसा होने पर संदेह जताया था। सर्गी की पत्नी और भाई का भी निधन हो चुका है। फिलहाल सर्गी अकेले रह रहे थे। मौत से एक सप्‍ताह पहले ही वह अपनी 33 वर्षीय बेटी यूलिया से मिलने गए थे। लेकिन उनकी वापसी से दो दिन पहले ही सर्गी और उनकी बेटी मृत पाए गए।

नर्व एजेंट से हुई हत्‍या

इन दोनों की मौत की वजह जानलेवा पाउडर नर्व एजेंट बना था। यह पाउडर इतना घातक है कि इसके संपर्क में आने के कुछ सेकेंड बाद ही इंसान की मौत हो जाती है। इसी नर्व एजेंट से उत्तर कोरिया के प्रमुख किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की मलेशिया एयरपोर्ट पर हत्‍या कर दी गई थी। प्रथम विश्‍व युद्ध के दौरान फ्रांस और जर्मनी दोनों के लिए काम करने वाली खूबसूरत डांसर भी डबल एजेंट थी। 15 अक्‍टूबर 1917 को उन्‍हें सजा के तौर पर फायर स्‍कड के सामने खड़ा कर गोली मार दी गई थी।

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By Kamal Verma