यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kamchatka Earthquake: फिर भूकंप के झटकों से कांपा रूस का कामचटका, क्या प्रकृति कर रही बड़ी तबाही की ओर इशारा?
रूस के कामचटका तट पर 5.0 तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कमचट्स्की से 108 किमी दूर था। यह घटना ...और पढ़ें

HighLights
- भूकंप पेट्रोपावलोव्स्क-कमचट्स्की से लगभग 108 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में आया।
- कामचटका प्रायद्वीप पैसिफिक प्लेट के किनारे पर बसा है,
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस के सुदूर पूर्वी इलाके कामचटका तट पर मंगलवार को एक बार फिर धरती कांप उठी। सिस्मिक मॉनिटरिंग सिस्टम ने पुष्टि की कि 5.0 तीव्रता का भूकंप पेट्रोपावलोव्स्क-कमचट्स्की से लगभग 108 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में आया।
यह घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:57 बजे हुआ। भूकंप समुद्र में और मध्यम गहराई पर आया, जिसके चलते सतह पर नुकसान होने की आशंका कम है।
हालांकि, यह भूकंप उस 8.8 तीव्रता वाले भीषण भूकंप के कुछ ही दिन बाद आया, जिसने कामचटका प्रायद्वीप को हिलाकर रख दिया था। उस भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी थी। इस बार का भूकंप भले ही कम तीव्रता का हो, लेकिन इसने भी इलाके में दहशत पैदा कर दी है।
पैसिफिक प्लेट की हलचल
कामचटका प्रायद्वीप पैसिफिक प्लेट के किनारे पर बसा है, इसलिए यह भूकंपों के लिए बेहद संवेदनशील है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस इलाके में भूकंपीय गतिविधियां आम हैं और बड़े झटकों के बाद छोटे-मोटे भूकंप या आफ्टरशॉक आना कोई नई बात नहीं। मगर इस बार 5.0 तीव्रता का झटका लोगों के लिए चेतावनी बनकर आया है, क्योंकि बड़े आफ्टरशॉक का खतरा अभी टला नहीं है।
स्थानीय लोग और प्रशासन इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की खबर तो नहीं आई, लेकिन सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। खासकर समुद्र तट के आसपास के इलाकों में लोगों को सावधान रहने को कहा गया है।
क्या कामचटका में सबकुछ सही सलामत है?
इस भूकंप ने सैन्य विशेषज्ञों और विश्लेषकों को भी चिंता में डाल दिया है। कामचटका इलाके में कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने हैं और हाल के भूकंपों ने इन सुविधाओं पर असर की आशंका बढ़ा दी है। खासकर कुछ दिन पहले आए 8.8 तीव्रता वाले भूकंप के बाद यह नया झटका सवाल खड़े कर रहा है कि क्या इन ठिकानों को कोई नुकसान पहुंचा है।
फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और भूकंप विशेषज्ञ स्थिति का जायजा ले रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें। कामचटका का यह इलाका भूकंपों का गढ़ रहा है और आने वाले दिनों में और झटके आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
(रायटर्स इनपुट्स के साथ)
यह भी पढ़ें: Earthquake: आखिर क्यों बार-बार आते हैं भूकंप? कैसे मापी जाती है इसकी तीव्रता; जानें हर सवाल का जवाब
