मॉस्को, (रायटर)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सीरिया पर हमले को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी पश्चिमी देशों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। पुतिन ने कहा है कि अगर पश्चिमी देशों ने सीरिया पर दोबारा हमला किया तो विश्व के मामलों में बवाल मच जाएगा।

अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के विगत शनिवार को सीरिया पर मिसाइलों से हमला करने के बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यह बात शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान कही है। क्रेमलिन ने पुतिन और रूहानी की इस वार्ता की जानकारी दी है। दोनों नेताओं का मानना है कि पश्चिमी देशों के हमले के बाद इस मुद्दे के राजनीतिक हल के आसार खत्म हो गए हैं। सीरिया के सात साल पुराने संघर्ष में अब तक तकरीबन पांच लाख लोग मारे जा चुके हैं। क्रेमलिन के मुताबिक व्लादिमीर पुतिन ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि अगर ऐसी कार्रवाई से संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ऐसी उथल-पुथल मचेगी जिसे रोका नहीं जा सकेगा।

रूस की मदद से सीरिया ने 71 मिसाइलें मार गिराईं

सीरिया को अमेरिका और उसके सहयोगियों के हमले से बचाने के लिए रूस ने 18 महीने पहले ही योजना बना ली थी। इस वजह से अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के हमले से सीरिया को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। इन देशों की ओर से सीरिया पर 103 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से सीरिया ने 71 मिसाइलों को मार गिराया।

सीरिया पर अमेरिका द्वारा किए गए मिसाइल हमले में किसी के मारे जाने की भी खबर नहीं है। हालांकि सीरिया के होम्स में तीन लोगों के घायल होने की खबर है। शनिवार को रूसी जनरल स्टाफ के मुख्य ऑपरेशंस डिपार्टमेंट के प्रमुख कर्नल जनरल सर्गेई रुडस्कोई ने कहा कि सीरिया ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की क्रूज मिसाइलों को मार गिराने के लिए जिन एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया, उनमें एस-125, एस-200, बक क्वाड्रेट, ओसा एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं।

सीरिया के इन एयर डिफेंस सिस्टम को रूस की मदद से तैयार किया गया है। रूस पहले से ही जानता था कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश सीरिया पर हमला कर सकते हैं, इसलिए उसने सीरिया को एयर डिफेंस सिस्टम और हथियार मुहैया कराना शुरू कर दिया था। रूसी जनरल के मुताबिक रूस पिछले 18 महीने से सीरिया को एयर डिफेंस सिस्टम और हथियार उपलब्ध करा रहा है।

रूस की समाचार एजेंसी तास ने रूसी जनरल रुडस्कोई के हवाले से बताया कि सीरिया पर अमेरिका ने बी-1बी प्लेन से टॉमहॉक और जीबीयू-38 गाइडेड बम दागे। साथ ही एफ-15 और एफ-16 लड़ाकू विमानों से हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइलें दागीं। इसके अलावा ब्रिटेन ने भी सीरिया पर टोरनाडो एयरक्राफ्ट से आठ स्कैल्प ईजी मिसाइलें दागीं। इसका सीरिया ने भी कड़ा जवाब दिया और 103 में से 71 मिसाइलों को मार गिराया।

एस-300 मिसाइल सिस्टम देगा रूस 

अब रूस ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों से निपटने के लिए सीरिया को एस-300 मिसाइल सिस्टम देने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे सीरिया को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के हमले को विफल करने में मदद मिलेगी।

By Arti Yadav