परमाणु महाशक्तियों में तकरार: अमेरिकी प्रतिबंधों पर भड़के पूर्व रूसी राष्ट्रपति, सैन्य कार्रवाई की धमकी दी
रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि नए अमेरिकी प्रतिबंधों का जवाब सैन्य प्रतिरोध के जरिए दिया जाना चाहिए। उन्होंने शनिवार को यह बयान दिया।

अमेरिकी प्रतिबंधों पर भड़के पूर्व रूसी राष्ट्रपति, सैन्य कार्रवाई की धमकी दी
HighLights
अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद रूस के पूर्व राष्ट्रपति की खतरनाक धमकी
दिमित्री मेदवेदेव 2008 के चुनाव में राष्ट्रपति चुने गए थे
डिजिटल डेस्क, मॉस्को। अमेरिका ने रूस प्रतिबंधों को लेकर एक बिल पारित किया है जिसको लेकर रूस की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि नए अमेरिकी प्रतिबंधों का जवाब सैन्य प्रतिरोध के जरिए दिया जाना चाहिए। उन्होंने शनिवार को यह बयान दिया।
मेदवेदेव, जो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी और रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष हैं, मॉस्को के प्रमुख पश्चिम-विरोधी नेताओं में से एक माने जाते हैं। उन्होंने अपने बयान में और विस्तार नहीं किया।
मेदवेदेव 2008 से 2012 के बीच रूस के राष्ट्रपति और 2012 से 2020 के बीच रूस के प्रधानमंत्री भी रहे। मेदवेदेव 2008 के चुनाव में राष्ट्रपति चुने गए थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बिल पर हस्ताक्षर किए, जिसमें यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर दबाव बनाने के लिए नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। कांग्रेस की मंजूरी के महीनों बाद यह कानून पास हुआ।
दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर बने इस कानून का निशाना रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ पुतिन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर है।
टेलीग्राम पर पोस्ट करते हुए मेदवेदेव ने लिखा कि समुद्र पार भी वे केवल प्रत्यक्ष सैन्य निरोध की भाषा ही सुनते हैं, और रुसोफोबिक अत्याचारों जैसे मृत आतंकवादी ग्राहम के कानून का जवाब हमें इसी भाषा में देना चाहिए।
यूक्रेन पर 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद से रूसी अधिकारी यूक्रेन और उसके समर्थकों को ‘आतंकवादी’ करार देते रहे हैं, जिसे कीव ने युद्धकालीन प्रचार बताकर खारिज किया है।
मेदवेदेव 2008 से 2012 तक रूस के राष्ट्रपति रह चुके हैं। 61 वर्षीय मेदवेदेव सोशल मीडिया पर नियमित रूप से यूक्रेन और पश्चिम पर हमला बोलते रहते हैं। पिछले साल ट्रंप ने मेदवेदेव के डेड हैंड परमाणु प्रणाली के जिक्र के बाद दो परमाणु पनडुब्बियों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।
