मास्को, रायटर्स। रूस में कोरोना महामारी अभी भी चरम पर है। गुरूवार को रिकार्डस्तर पर कोरोना के चलते मौतें दर्ज की गई हैं। रूस के सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 986 लोगों की जान गई और इस दौरान 31,299 नए कोरोना के मामले दर्ज किए गए। रूस में कोरोना से मरने वालों का यह आंकड़ा महामारी शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा है।

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने बढ़ती मौतों के लिए टीकाकरण को ही जिम्मेदार ठहराया है। रूस में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान को उन्होंने धीमा बताया है और लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में टीका लगाने की अपील भी की है।

रूस में गुरुवार को यह पहली बार हुआ जब यहां पिछले 24 घंटों के अंदर आधिकारिक तौर पर 30 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं।

रूस के प्रधानमंत्री मिखाईल मिशुस्तीन ने मंगलवार को कहा कि रूस की आबादी का लगभग एक तिहाई 43 मिलियन (चार करोड़ 30 लाख) या देश के लगभग 29 फीसद लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो गया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने टीकाकरण दर में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया है, लेकिन उन्होंने प्रशासनिक दबाव डालकर लोगों को टीका लगवाने के लिए मजबूर करने के प्रति भी आगाह किया है।

रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने भी पिछले दिनों सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट पर तीखी चेतावनी दी थी। उन्होंने कैबिनेट बैठक में कहा था कि रूस में कोरोना की घटनाओं में पिछले एक सप्ताह में 16 फीसद की वृद्धि हुई थी और कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 30 फीसद से अधिक देखी गई है। 

11 फीसद रोगियों ने नहीं लगवाया कोरोना का टीका

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रूस में कोरोना रोगियों के लिए लगभग 2 लाख 55 हजार (255,000) बेड हैं, जिनमें से लगभग 2 लाख 35 हजार  (235,000) बेड पर कोरोना रोगी भर्ती हैं। मुराशको ने कहा कि रूस के अस्पतालों में भर्ती 11 फीसद कोरोना के रोगी गंभीर स्थिति में हैं और व्यावहारिक रूप से वे सभी ऐसे मरीज हैं जिन्हें कोरोना का टीका नहीं लगाया गया है।

बता दें कि कोरोना महामारी के बाद से रूस पिछले साल स्पुतनिक वैक्सीन को बनाने में लग गया था। तब से लेकर अब तक रूस चार वैक्सीन को मंजूरी दे चुका है।