विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पुतिन से मिले अजित डोभाल, रूस-यूक्रेन जंग के बीच पीएम मोदी का क्या है मास्टर प्लान?

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Thu, 12 Sep 2024 07:27 PM (IST)

Ajit Doval-Putin Meet रूस और यूक्रेन की जंग को रुकवाने में भारत अहम भूमिका निभा रहा है। पीएम मोदी की ...और पढ़ें

एनएसए अजीत डोभाल की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात। (Photo- ANI)
एनएसए अजीत डोभाल की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात। (Photo- ANI)

HighLights

  1. अजीत डोभाल ने सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से की मुलाकात।
  2. पुतिन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक का रखा प्रस्ताव।

एजेंसी, मॉस्को। पीएम मोदी की हालिया रूस और यूक्रेन की यात्रा के बाद यह स्पष्ट है कि भारत दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग को रुकवाने में अहम भूमिका निभा रहा है। अब भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की पुतिन से मुलाकात के बाद इस बात को और बल मिल रहा है।

माना जा रहा है कि अजीत डोभाल पीएम मोदी का प्रस्तावित शांति प्लान लेकर मॉस्को पहुंचे हैं। मुलाकात की जानकारी देते हुए रूस स्थित भारतीय दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग के कॉन्स्टेंटिनोव्स्की पैलेस में भारत के प्रधान मंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक की।

पुतिन ने पीएम मोदी के साथ बैठक का रखा प्रस्ताव 

दूतावास के मुताबिक, बातचीत के दौरान रूस के राष्ट्रपति ने 22 अक्टूबर को कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक द्विपक्षीय बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, ताकि उनकी मॉस्को यात्रा के दौरान हुए समझौतों के कार्यान्वयन पर संयुक्त कार्य के परिणामों का सारांश दिया जा सके और निकट भविष्य के लिए संभावनाओं की रूपरेखा तैयार की जा सके।

अजीत डोभाल ने व्यक्त किया आभार

वहीं बदले में अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से रूसी राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नरेंद्र मोदी की हालिया यूक्रेन यात्रा के बारे में भी जानकारी साझा की। बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी कहा था कि यूक्रेन संघर्ष को लेकर वह चीन, ब्राजील और भारत के साथ लगातार संपर्क में हैं। पुतिन ने आगे कहा कि अगर यूक्रेन की इच्छा है कि वह वार्ता जारी रखे तो मैं ऐसा कर सकता हूं।