इस्लामाबाद, पीटीआइ। जम्मू-कश्मीर में सुंजवां आतंकी हमले के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाने से पाकिस्तान बौखला गया है। उसकी बौखलाहट उसके रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर की गीदड़ भभकी के रूप में सामने आई है। दस्तगीर ने मंगलवार को कहा, 'भारत की किसी भी तरह की कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।' उन्होंने इस महीने के शुरू में भी भारत को इसी तरह की धमकी दी थी।

पाकिस्तान के जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों ने बीते शनिवार को जम्मू के सुंजवां सैन्य ठिकाने पर हमला किया था। इसमें छह सैनिक शहीद हो गए थे। भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा था कि हमले में पाकिस्तान का हाथ है और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हमारे सैनिकों की कुर्बानियां व्यर्थ नहीं जाएंगी। उनके इस बयान पर दस्तगीर ने कहा कि पाकिस्तान की सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर भारत के आरोपों को खारिज किया। बयान में कहा गया कि बगैर कोई साक्ष्य साझा किए पाकिस्तान पर आरोप लगाने की भारत की प्रवृत्ति निराशाजनक है।

सुंजवां में सेना के ब्रिगेड पर फिदायीन हमले में शहीद सैनिकों की संख्या छह हो गई है। ब्रिगेड में आवासीय परिसर के आसपास तलाशी अभियान के दौरान सोमवार रात एक और जवान का शव मिला। जवान की पहचान सेना की छह महार रेजीमेंट के हवलदार राकेश चंद्रा निवासी संकर, जिला पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड के रूप में हुई है। शहीद राकेश चंद्रा के पार्थिव शरीर को मंगलवार दोपहर देहरादून भेज दिया गया। इससे पहले उन्हें जम्मू के तकनीकी हवाईअड्डे पर राज्य सरकार, सेना व राज्य प्रशासन की ओर से श्रद्धांजलि दी गई। एक और जवान का शव मिलने से शनिवार सुबह ब्रिगेड पर हुए आतंकी हमले में मृतकों की संख्या सात हो गई है। हमले में एक जवान के पिता की भी मौत हुई थी और 12 लोग घायल हुए थे।

सेना की जवाबी कार्रवाई में जैश के तीन आतंकी मारे गए थे। इस बीच, सुंजवां ब्रिगेड में सेना का तलाशी अभियान लगातार जारी है। छठे सैनिक का शव सेना के क्वार्टरों के पीछे स्थिति पेड़ों व झाडि़यों के बीच पड़ा था। सैन्य ब्रिगेड का क्षेत्र करीब 12 वर्ग किलोमीटर में फैला है। आवासीय परिसर में जांच भी सरल नहीं थी। दो दिन लगातार सेना की क्विक रिएक्शन टीमों ने 26 ब्लॉकों व 189 आवासों को एक-एक कर खंगाला। ऐसा करते समय पूरी चौकसी बरती गई कि कहीं अंदर कोई आतंकी न छिपा हो। जम्मू दौरे पर आईं रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सोमवार शाम को पत्रकारों को बताया था कि क्षेत्र की तलाशी लेना बहुत जटिल कार्य है।सेना ने आतंकियों के खिलाफ 50 घंटे से अधिक का अभियान चलाने के बाद अब क्षेत्र को खंगालने की मुहिम छेड़ रखी है। सेना की रायजिंग स्टार कोर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईवीके मोहन जम्मू में डेरा डालकर इस पर नजर रखे हुए हैं।

 

Posted By: Tilak Raj