मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने को लेकर जहां पाकिस्तान की बौखलाहट कम होने का नाम नहीं ले रही, वहीं पाकिस्तान का ही एक बुद्धिजीवी वर्ग उसके इस रवैये से काफी चिंतित है। इन लोगों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल हुआ है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पाकिस्तानी के जाने-माने पत्रकार हसन निसार और लंबे अर्से से भारत में रह रहे पाकिस्तानी गायक अदनान समी ने अपने अंदाज में इमरान खान को आईना दिखाया है। दोनों ने इमरान को नसीहत दी कि वह कश्मीर का ख्वाब छोड़ दें।

हसन निसार पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार हैं। वह सरकार की कड़ी आलोचना और खुलकर बोलने के लिए जाने जाते हैं। हसन अली को पहले भी कई बार पाकिस्तानी समाचार चैनलों में सरकार की बखिया उधेड़ते देखा जा चुका है। ताजा हालात के बाद हसन का एक और वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो क्लिप में हसन अली एक पाकिस्तानी समाचार चैनल पर आयोजित टॉक शो में शामिल नजर आ रहे हैं। शो के दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उनसे पाकिस्तान के भविष्य के बारे में पूछ लिया। इस पर हसन निसार बरस पड़े।

आज दुनिया जहां है, उसमें पाक का योगदान क्या है?
हसन निसार ने कहा, 'आज जहां इंसान खड़ा है, इसमें आपका (पाकिस्तान का) योगदान क्या है? आपसे का मतलब है मेरा, हम सब (मुस्लिमों) का। मुस्लिम देशों में रह रहे एक अरब 40 करोड़ आम मुसलमानों का योगदान क्या है? मुस्लिम, बच्चों को डायपर तक नहीं दे सकते। ये एक बॉल प्वाइंट पेन नहीं दे सके इंसान को। ये गाड़ी की विंडस्क्रीन (खिड़कियों के शीशे) साफ करने वाला वाइपर तक नहीं दे सके।'

'किसी मुस्लिम देश में लोकतंत्र नहीं है'
हसन निसार ने आगे कहा, 'दुनिया में लगभग 56-57 मुसलमान मुल्क हैं। एक में भी जम्हूरियत (लोकतंत्र) नहीं है। डूब मरो। क्यों, सदियों से हमने (पाकिस्तान ने) एक बुद्धिमान व्यक्ति पैदा नहीं किया? इस मुल्क (पाकिस्तान) में एक बड़ा आदमी पैदा हुआ है। मैं इंटलेक्चुअल (बौद्धिक लोगों) की बात कर रहा हूं। ये मुल्क (पाकिस्तान) है, सबका है। जनाब, जिन्हा साहब के बयान रिकॉर्ड में हैं कि हिंदू अपनी जगह फलां अपनी जगह आदि। उसको आप जो भी लेवल लगाएं। डॉ अब्दुस सलाम, एक सैंद्धातिक भौतिक शास्त्री, पहले पाकिस्तानी और पहले मुस्लिम हैं, जिन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ अब्दुस सलाम, अहमदी मुस्लिम समुदाय से हैं। उसे मार-मारकर इन्होंने (पाकिस्तान ने) देश से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उन्हें नोबल पुरस्कार से नवाजा गया। सदियों से एक बड़ा आदमी आपने (पाकिस्तान ने) पैदा नहीं किया।

सभ्यता तो भारत के पास है, आपके पास क्या है?
औकात ये है कि एक सतही स्तर का दानिश बात करता है, क्लैश ऑफ सिविलाइजेशन (Clash of Civilizations) मतलब सभ्यताओं के टकराव की। ये उसे सिर पर बैठा लेते हैं और पूरी दुनिया उस पर बहस शुरू कर देती है। क्लैश ऑफ सिलिवाइजेशन तो है ही नहीं। ये क्लैश ऑफ फेथ (Clash of Faiths) मतलब भरोसे का टकराव है। सिविलाइजेशन तो उनके (भारत के) पास है, आपके पास क्या है?

'पाकिस्तान आवाम को रोटी नहीं दे सकता, इज्जत तो दे'
बकरे में पानी का इंजेक्शन लगाकर उसका वजन बढ़ाने वाले, अपने बच्चों को नापाक, गंदा, गलीच दूध देने वाले, जीवनरक्षक दवाओं में मिलावट करने वाले, जाली दवाईयां बनाने वाले। यहां न तो कोई कानून व्यवस्था है और न ही कोई संविधान है। न आवाम की कोई इज्जत है। आप (पाकिस्तान) रोटी नहीं दे सकते , कम से कम इज्जत तो दें। वो भी नहीं दे सकते। कौन सी ऐसी चीज, मुझे इतने यहां बच्चे बैठे हैं, इतने माशाअल्लाह मुल्क की क्रीम बैठी है, मैं दावा कर रहा हूं इतना बड़ा, मुझे एक बात बताएं, जिस पर आप फक्र (गर्व) कर सकें। कह सकें कि ये चीज केवल हमारे पास है, जो दुनिया में कहीं नहीं है।

चोरों की थोक मंडी है पाकिस्तान
पाकिस्तान की इमरान सरकार ने 18 अगस्त को एक साल पूरा किया है। इस मौके पर पाकिस्तान के एक टीवी इंटरव्यू में हसन निसार ने कहा, 'पाकिस्तान की हालत अभी वैसी ही है जैसे नींद से जागे इंसान की होती है। उसे थोड़ा समय लगता है पूरे होश में आने में। मैं इस सरकार को 50 फीसद से थोड़े ज्यादा नंबर दूंगा। निश्चित तौर पर पाकिस्तान में महंगाई बढ़ रही है। ये मुल्क नहीं है मंडी है। किसी के हाथ में डंडा है किसी के हाथ में डंडी है। जो भारी पड़ जाए। इन्होंने (पाकिस्तानी सरकार व नेताओं ने) इस मुल्क को चोरों की थोक मंडी में तब्दील कर दिया है। इसे सुधारने में बहुत वक्त लगेगा। सरकार ने कुछ कड़े फैसले लिए हैं, लेकिन इस देश में कुछ लाख रुपये ही टैक्स भरा जाता है। ऐसे में कड़े फैसले और अर्थव्यवस्था को मजबूत कैसे किया जाएगा?

वायरल हो रहा गायक अदनान सामी का ये ट्वीट
भारत में रह रहे विश्व प्रसिद्ध गायक अदनान सामी, भारत-पाकिस्तान के मौजूदा हालातों पर लगातार सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं। उनके तमाम ट्वीट से साफ है कि वह भी भारत के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के प्रति अपनी आस्था और प्रेम व्यक्त करते हुए, उसे वास्तविकता से रूबरू कराने का प्रयास किया है। अदनान ने भी 18 अगस्त को पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हसन निसार का एक इंटरव्यू ट्वीट किया है। इसमें इंटरव्यू में एक पाकिस्तानी एंकर हसन निसार से पूछती है कि क्या पाकिस्तान को कश्मीर का पीछा छोड़ देना चाहिए। जवाब में निसार कहते हैं कि ये बड़ी दिलचस्प बात है। शांत पाकिस्तान तो आपके पास था, लेकिन आपने उसके लिए कुछ नहीं किया। अब आपको कश्मीर लेना है।

हवा में तलवार चला रहा पाकिस्तान
18 अगस्त को अदनान ने जो इंटरव्यू ट्वीट किया, उसमें हसन निसार ने कहा, 'कश्मीर किससे लेना और कैसे लेना है? ऐसे ही बिना वजह हवा में तलवारें चला रहे हो। जो था तुम तो उसे नहीं संभाल सके। 25 साल से कम समय में हमसे अलग हो गया, वो बांग्लादेश है। अब आपसे बेहतर है। उनकी करंसी टका, डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये से बेहतर है। उनका (बांग्लादेश का) एक्सपोर्ट देखें। उन्होंने आबादी कंट्रोल कर ली। वो आपसे जान छुड़ाकर आपसे बेहतर स्थिति में हैं। यहां की चीजें वहां जा रही हैं, आप तो वो नहीं संभाल सके। किस मुंह से बात करते हो कश्मीर लेना है? क्या करना है लेकर? आपसे कराची नहीं संभाला जा रहा। आपसे बलूचिस्तान नहीं संभल रहा। होश करें ये लोग (पाकिस्तानी सरकार व राजनेता), जो है उसे तो संभाल लें।'

हम घास की रोटी खाएंगे, लेकिन न्यूक्लियर बम बनाएंगे
जम्मू-कश्मीर की वजह से भारत-पाकिस्तान के ताजा हालातों को लेकर एक तरफ पड़ोसी मुल्क अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति का पाठ पढ़ा रहा है। दूसरी तरह ये वही देश है जिसने कहा था हम घास की रोटी खाएंगे, लेकिन न्यूक्लियर बम जरूर बनाएंगे। ये चर्चित बयान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने 1974 में दिया था, जब भारत ने पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण किया था। इसके बाद पाकिस्तान के एक वैज्ञानिक अब्दुल कदीर खान ने नीदरलैंड की परमाणु प्रयोगशाला से परमाणु बम बनाने की तकनीक चोरी कर ली थी। बाद में पाकिस्तान ने वही तकनीक उत्तर कोरिया समेत कई देशों को चोरी-छिपे निजी स्वार्थ के लिए बेच दी या दे दी।

न्यूक्लियर हमला हुआ तो खत्म हो जाएगा पाकिस्तान
दो वर्ष पूर्व अक्टूबर 2016 में पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने भारत को परमाणु हमले की धमकी दी थी। उनके बयान के कुछ देर बाद ही अंतरराष्ट्रीय आतंकी सैय्यद सलाहुद्दीन और हाफिज सईद ने भी उनका बयान दोहराया था। उस वक्त भी पाकिस्तान के वरिष्ठर पत्रकार हसन निसार ने कहा था अगर पाकिस्तान ने भारत पर परमाणु हमला करने की गलती की तो उसका नामो-निशान मिट जाएगा। पाकिस्तान विश्व के मैप से हमेशा के लिए गायब हो जाएगा। निसार ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के उस बयान का भी हवाला दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान हमें परमाणु युद्ध के लिए उकसाती है तो उसे इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

Posted By: Amit Singh

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