'हमें घर भेज दो', पाकिस्तान में दो नाबालिग हिंदू बहनों का पहले किया जबरन धर्मांतरण फिर पढ़वा दिया निकाह
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में दो नाबालिग हिंदू बहनों का जबरन धर्मांतरण कराकर मुस्लिम पुरुषों से निकाह करा दिया गया।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)
HighLights
सिंध में दो नाबालिग हिंदू बहनों का जबरन धर्मांतरण कराया गया।
अदालत ने बहनों को माता-पिता के बजाय आश्रय गृह भेजा।
परिवार ने लड़कियों की सुरक्षा और इच्छाओं को प्राथमिकता देने की मांग की।
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 2 हिंदू बहनों का पहले जबरन धर्मांतरण कराया और फिर उनकी शादी करा दी। ये दो बहनें अदालत के बाहर रोते हुए बोलीं, 'हमें घर भेज दो।'
परिवार का आरोप है कि उनका अपहरण कर जबरन इस्लाम कबूल कराया गया और मुस्लिम पुरुषों से शादी करा दी गई। परिजनों के अनुसार अमजद सोलंगी व मंसूर सोलंगी से उनकी शादी कराई गई है। दोनों बहनें नाबालिग हैं और 13 व 14 साल की हैं।
अदालत ने क्या आदेश दिया?
सिंध प्रांत के तंदो अल्लाहयार जिले की अदालत ने दोनों को माता-पिता के साथ भेजने के बजाय आश्रय गृह भेजने का आदेश दिया। सिंधी अधिकार संगठन 'सिंध रेनेसां' के अनुसार, उन्हें वहां 2 दिन रखने को कहा गया है। पीड़िता के परिवार ने कानूनी मदद की मांग की है। मांग है कि लड़कियों की इच्छाओं व सुरक्षा को फैसले में प्राथमिकता दी जाए।
पाक में पांच वर्षों में जबरन धर्मांतरण के 515 केस दर्ज
'वॉइस ऑफ पाक माइनॉरिटी' के मुताबिक, पाक में 2021-2025 में अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के 515 मामले दर्ज हुए। जबरन शादी की शिकायतें भी सामने आईं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2025 में जबरन शादी के जरिए धर्मांतरण की पीड़ितों में 75% हिंदू और 25% ईसाई थीं। वहीं, बीते साल 12 चचर्चों और सात मंदिरों को भी नुकसान पहुंचा है।
