जेनेवा, एएनआइ। पाकिस्तान में सिंधी समुदाय पर अत्याचार का मामला संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में जा पहुंचा है। जेनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 50वें सत्र में विश्व सिंधी कांग्रेस (WSC) के सदस्य आसिफ पनवार ने अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए उसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को शांतिपूर्ण ढंग से सभा भी नहीं करने दिया जाता।

श्रद्धाजंलि देने पहुंचे लोगों को धमकाया गया

आसिफ ने कहा कि सिंध राष्ट्रवादी आंदोलन के संस्थापक जीएम सैयद की 27वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंलि देने पहुंचे लोगों को धमकाया गया। 17 जून को यूएनएचआरसी के सत्र के दौरान आसिफ ने गिरफ्तार किए गए उन लोगों की सूची दिखाई जो शांतिपूर्ण सभा में हिस्सा लेने पहुंचे थे।

190 लोगों के खिलाफ राजद्रोह व आतंकी गतिविधियों का केस हुआ दर्ज

पाकिस्तानी पुलिस ने 190 लोगों के खिलाफ राजद्रोह व आंतकी गतिविधियों के तहत केस दर्ज किया। इनमें 25 महिलाओं सहित 87 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। आसिफ ने यूएनएचआरसी से आग्रह किया कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए, ताकि सिंधी लोगों के अधिकारों का हनन न हो।

सिंधी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए करें कार्रवाई

डब्ल्यूएससी सदस्य ने वर्तमान स्थिति के बारे में कहा कि दुख की बात है कि सिंधी लोगों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक उदय आंदोलन को परेशान करने और प्रतिबंधित करने के लिए पाकिस्तान में यह एक प्रवृत्ति बन गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इन घोर मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच करें और शांतिपूर्ण सभा और संघ के लिए सिंधी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्रवाई करें।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan