लाहौर, पीटीआइ : पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि उन्‍हें पूर्व सैन्‍य तानाशाह परवेज मुशर्रफ पर राजद्रोह का केस दर्ज कराने की सजा मिली है। उन्‍होंने चुनौती दी कि अगर किसी अदालत में दम है तो वह संविधान को बंधक बनाने वाले मुशर्रफ पर कार्रवाई करे और राजद्रोह जैसे अपराध के लिए जिम्‍मेदार ठहराए।पनामा पेपर्स में नाम होने की वजह से इसी साल 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्‍यीय बेंच ने नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद से अयोग्‍य घोषित कर दिया था।

नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम अपनी पार्टी पाकिस्‍तान मुस्‍लिम लीग (नवाज) की सोशल मीडिया टीम से संवाद कर रहे थे। इस दौरान उनकी बेटी मरियम ने नवाज शरीफ को पद से हटाए जाने के कारणों पर बोलते हुए कहा कि उनके पिता ने मुशर्रफ के खिलाफ संविधान को खत्‍म करने के आरोप में राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने का अादेश दिया था। इस मामले को लेकर जब साल 2014 में इस्‍लामाबाद में बैठकें शुरू हुईं तभी डॉन ने पनामा पेपर्स लीक को उछाल दिया। अभी तक मुशर्रफ के मामले की सुनवाई नहीं हुई, लेकिन उनके मामले में फैसला भी आ गया। उन्‍हें प्रधानमंत्री का पद गंवाना पड़ा। मरियम ने कहा कि उनके पिता के आसान रास्‍ता था कि वह समझौता कर लेते। लेकिन, उन्‍होंने सच्‍चाई का कठिन रास्‍ता चुना। अगर अाप सच्‍चाई के रास्‍ते पर चलते हैं तो उसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है। उन्‍होंने कहा प्रधानमंत्री पर आरोप लगाने का मतलब है कि आप उन सभी पर आरोप लगा रहे हैं, जिन्‍होंने उन्‍हें वोट देकर चुना था

नवंबर 2007 से परवेज मुशर्रफ पर राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। उन पर न्‍यायाधीशों की गिरफ्तारी और उनकी शक्‍तियां सीमित करने का भी आरोप है। अगर दोष साबित होता है तो उन्‍हें मौत की सजा भी मिल सकती है। जनरल परवेज मुशर्रफ ने साल 1999 में नवाज शरीफ का तख्‍ता पलट कर पाकिस्‍तान में सैन्‍य शासन लगा दिया था।पिछले साल मेडिकल ग्राउंड पर उन्‍हें पाकिस्‍तान से बाहर जाने की इजाजत मिली थी। तभी से वह दुबई में रह रहे हैं। उन्‍होंने यह वादा किया था कि वतन आकर अपने ऊपर चल रहे मुकदमों का सामना करेंगे। बाद में यह भी बयान दिया था पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख राहिल शरीफ ने उन्‍हें फायदा पहुंचाने के लिए अपने प्रभाव का इस्‍तेमाल किया था।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस