लाहौर, प्रेट्र। कश्मीर के अलगाववादी नेता को फोन करने पर मचे घमासान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मसले में पाकिस्तान का हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है। बताते चलें कि पिछले मंगलवार को कुरैशी ने कश्मीर में हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक को फोन कर कश्मीर मुद्दे पर बात की थी।

गिलानी को भी किया था फोन
अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक से फोन पर बात करने के बाद पाक विदेश मंत्री ने हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी से भी फोन पर बात की थी। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के जम्मू दौरे से पहले कुरैशी ने गिलानी से शनिवार को बात की थी और उनके बीच कश्मीर मुद्दे पर बातचीत हुई। फिलहाल भारत की ओर से अभी तक कुरैशी की इस हरकत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारत ने दिखाया कड़ा रुख

इस मामले में अगले दिन बुधवार को भारत सरकार ने पाकिस्तान के राजदूत सुहैल महमूद को तलब किया था।भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने पाकिस्तान की इस हरकत पर कड़ी चेतावनी दी थी और कहा था कि इस तरह की हरकतों के बुरे परिणाम हो सकते हैं। उधर मुलतान में शनिवार को मीडिया से मुखातिब कुरैशी ने कहा कि फोन पर हुर्रियत नेता मीरवाइज से बात हुई थी और भारत को इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बातचीत से कश्मीर समस्या को सुलझाना चाहते हैं लेकिन भारत बेवजह हायतौबा मचा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक फोन के बहाने पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को फिर से तूल देने की कोशिश कर रहा है।

कुरैशी के मीरवाइज को फोन करने पर विदेश सचिव ने यह भी कहा था कि पड़ोसी मुल्क ने भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप किया है। भारत सरकार को उम्मीद है कि भविष्य में पाकिस्तान इस तरह की कार्रवाई से दूर रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित किसी भी मामले में पाकिस्तान को दखल देने का अधिकार नहीं है।

Posted By: Mangal Yadav

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