इस्‍लामाबाद, पीटीआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 18 अक्‍टूबर को हरियाणा में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए पाकिस्‍तान जा रहे पानी को रोकने की बात कही थी। भारतीय प्रधानमंत्री की इस चेतावनी से पाकिस्‍तान की बेचैनी बढ़ गई है। अब पाकिस्‍तानी हुक्‍मरान भारत के इस रुख पर धमकी दे रहे हैं। पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) ने कहा है कि झेलम, चिनाब और सिंधु नदियों का प्रवाह बदलने की भारत सरकार की किसी भी कोशिश को पाकिस्‍तान उकसावे वाली कार्रवाई समझेगा।

कुरैशी ने इस्लामाबाद में मंगलवार को सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty, IWT) पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कुरैशी ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि यदि भारत की ओर से नदियों की धारा बदलने की कोई भी कोशिश की जाती है तो पाकिस्तान इसका माकूल जवाब देगा। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बैठक में प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) के उन बयानों पर भी चर्चा की गई जिनमें पाकिस्तान जाने वाली नदियों का प्रवाह बदलने की बात कही गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिसार में कहा था कि यह मोदी है जो ठान लेता है करके छोड़ता है। हम पाकिस्‍तान जा रहे पानी रोक कर रहेंगे। इस काम को जल्‍द पूरा कर लिया जाएगा। ऐसा नहीं कि पानी रोके जाने के मसले पर पाकिस्‍तान की ओर से यह पहली धमकी है। कुछ ही दिन पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने कहा था कि उसका तीन पश्चिमी नदियों पर 'विशेषाधिकार' है। यदि भारत ने इन नदियों के बहाव में बदलाव किया तो हम इसको 'उकसावे वाली कार्रवाई' मानेंगे।

उल्‍लेखनीय है कि भारत द्वारा अनुच्छेद-370 हटाए जाने बाद से पाकिस्तान बुरी तरह बेचैन है। पाकिस्‍तानी सेना और आईएसआई दोनों ही आतंकियों की घुसपैठ को अंजाम देने के लिए लगातार कोशिशें कर रहे हैं। लेकिन भारतीय सेना की मुस्‍तैदी से उनके मंसूबे परवान नहीं चढ़ पा रहे हैं। सीमा पर हो रही लगातार फायरिंग से दोनों देशों में तनाव चरम पर है। पाकिस्तान कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अनुच्‍छेद-370 को हटाने का मसला उठा चुका है लेकिन हर मोर्चे पर उसे नाकामी ही हाथ लगी है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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