इस्लामाबाद, एएनआइ। गुलाम कश्मीर (PoK) और गिलगिट बाल्टिस्तान में पाकिस्तान सरकार की करतूत के खिलाफ मुल्क के भीतर से ही आवाज उठने लगी है। राजधानी इस्लामाबाद में हुए एक सम्मेलन में सियासी कार्यकर्ताओं ने सरकार से गुलाम कश्मीर और गिलगिट बाल्टिस्तान में कट्टरपंथ, हिंसा और असहिष्णुता को बढ़ावा दिए जाने पर रोक लगाने की अपील की है।

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) की ओर से गुरुवार को आयोजित सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें कहा गया है, 'यह सम्मेलन पाकिस्तान की सरकार से उन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह करता है, जो गुलाम कश्मीर और गिलगिट बाल्टिस्तान में कट्टरपंथ, हिंसा और असहिष्णुता को बढ़ावा देती हैं। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय असहिष्णुता और घृणा का शिकार ना होने पाएं। हम पाकिस्तानी अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि वे कानून का सम्मान करें और गिलगिट बाल्टिस्तान में गैर कश्मीरियों को बसाना बंद कर दें।'

कब्जे वाले इलाके से दूर रहे सरकार

इस प्रस्ताव में पाकिस्तान सरकार से यह आग्रह भी किया गया है कि वह हड़पे हुए गिलगिट बाल्टिस्तान और गुलाम कश्मीर से दूर रहे क्योंकि इससे हालात बिगड़ सकते हैं। सरकार से इन क्षेत्रों को पूरी आजादी देने की मांग की गई है जिससे वहां के निर्वाचित सदस्यों को स्थानीय लोगों की सामाजिक, आर्थिक और सियासी समस्याओं का समाधान करने में मदद मिल सकेगी।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस