कराची, एएनआइ। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू छात्रा नमृता चंदानी की हत्या के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद प्रांतीय सरकार ने बुधवार को घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। तीस दिन के भीतर जांच पूरी करने और राज्य के गृह मंत्रालय को इसकी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

जिले के बीबी आसिफा डेंटल कॉलेज में स्नातक की छात्रा नमृता सोमवार को हॉस्टल के कमरे में संदिग्ध हालत में मृत पाई गई थीं। उनके गले में कपड़ा बंधा था। नमृता घोटकी की रहने वाली थीं। उनकी हत्या से एक दिन पहले ही घोटकी में मंदिर में तोड़फोड़ के लिए कइयों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस और प्रशासन नमृता की मौत को आत्महत्या मान रहे हैं।

पीडि़ता के भाई विशाल सुंदर ने इसे हत्या करार दिया है। मेडिकल सलाहकार विशाल ने कहा, 'यह आत्महत्या नहीं है, उसके निशान अलग होते हैं। मुझे उसकी गर्दन पर केबल के निशान मिले हैं। जबकि दोस्तों का कहना है कि जब उन्होंने शव देखा तो गर्दन पर दुपट्टा बंधा था।' उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और लोगों के समर्थन की मांग की है।

नमृता की हत्या के बाद कराची में लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया। पाकिस्तान सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए लोगों ने नमृता के लिए न्याय और क्षेत्र में बेहतर कानून व्यवस्था व अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारी 'नमृता को इंसाफ दो' और 'गुंडागर्दी नहीं सही जाएगी' जैसे नारे लगा रहे थे। कई लोग नमृता की हत्या को जबरन धर्मातरण का मामला भी बता रहे हैं।

हर साल प्रांत में हजारों युवतियां होती हैं अगवा

सिंध प्रांत से अक्सर हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आते रहते हैं। अमेरिका स्थित सिंधी फाउंडेशन के मुताबिक पाकिस्तान में हर साल 12 से 28 वर्ष की करीब एक हजार हिंदू युवतियों को अगवा कर उनका जबरन धर्मातरण कराया जाता है। पाकिस्तान के मानवाधिकार संगठन के अनुसार जनवरी, 2004 से मई, 2018 के बीच सिंधी लड़कियों के अपहरण के 7,430 मामले सामने आए थे। हाल ही में ननकाना साहिब से एक सिख लड़की और इसके बाद एक हिंदू लड़की को अगवा कर उनके जबरन धर्मातरण की खबरें आई थीं।

संसद में उठा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मामला

सिंध प्रांत में अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं की सुरक्षा का मामला मंगलवार को मुल्क की संसद में भी उठा। विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता ख्वाजा आसिफ ने संसद मे कहा, 'घोटकी की घटना से हिंदू समुदाय भयभीत और चिंतित है। उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। वे वफादार पाकिस्तानी हैं।' घोटकी में स्कूल प्रिंसिपल पर ईशनिंदा का मामला दर्ज होने के बाद वहां दंगा भड़क गया था और कई मंदिरों में तोड़फोड़ की गई थी।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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