इस्लामाबाद, प्रेट्र। भारत के विरोध को दरकिनार करते हुए गिलगिट-बाल्टिस्तान की विधानसभा ने क्षेत्र को प्रांतीय दर्जा देने का एक प्रस्ताव मंगलवार को पारित किया। प्रस्ताव में इमरान सरकार से अन्य संवैधानिक निकायों में भी प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई है। बता दें कि पाकिस्तान द्वारा गिलगिट-बाल्टिस्तान को प्रांतीय दर्जा देने की कोशिश का भारत ने यह कहते हुए विरोध किया था कि इसके जरिये वह क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता है। 

पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान के मुख्यमंत्री खालिद खुर्शीद खान ने विधानसभा में यह प्रस्ताव रखा। इस दौरान सभी दलों के नेताओं ने मांग की कि इमरान सरकार इस क्षेत्र को ना केवल प्रांतीय दर्जा प्रदान करे बल्कि संसद और अन्य संवैधानिक निकायों में भी प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए। 

प्रस्ताव में कहा गया कि कश्मीर मुद्दे पर देश के नजरिये को नुकसान पहुंचाए बिना गिलगिट-बाल्टिस्तान को प्रांतीय दर्जा देने के लिए संविधान में संशोधन किया जाए। मुख्यमंत्री खान ने कहा, 'संवैधानिक अधिकारों की मांग गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोगों की सर्वसम्मत मांग है। इसका किसी व्यक्ति या पार्टी से लेनादेना नहीं है।' 

बता दें कि पिछले वर्ष दिसंबर में प्रधानमंत्री इमरान खान ने गिलगिट-बाल्टिस्तान की स्थिति को बदलने के बारे में सिफारिशें देने के लिए एक 12-सदस्यीय समिति का गठन किया था। पाकिस्तान सरकार की इस कोशिश पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ा एतराज जताया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था कि भारत ऐसे किसी भी प्रयास को खारिज करता है और इस्लामाबाद से जल्द से जल्द क्षेत्र को खाली करने की अपील करता है। उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख सहित तथाकथित गिलगिट-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा है।

 

Edited By: Arun Kumar Singh