वाशिंगटन, एपी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की बड़ी आंत से पिछले हफ्ते एक गांठ निकाली गई है, जिसमें कैंसर होने की आशंका थी। उनके पेट में धीरे-धीरे बढ़ रहे इस ट्यूमर (कोलोन पोली) में भविष्य में कैंसर होने के लक्षण थे। अमेरिकी राष्ट्रपति का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने यह जानकारी दी है। गांठ यानी ट्यूबलर एडोनोमा के नमूने को जांच के लिए भेजा गया था। यह वैसी ही गांठ थी जैसी बाइडन को वर्ष 2008 में भी हुई थी और आपरेशन करके हटा दी गई थी।

राष्ट्रपति के चिकित्सक डा.केविन सी ओकोनोर ने व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक मेमो में बताया कि भविष्य में इस बीमारी की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई गई है। उन्होंने कहा कि हर सात से दस साल में एक कोलोनस्कोपी करने की आवश्यकता होती है। पिछले ही हफ्ते बाइडन 79 वर्ष के हुए हैं जो अमेरिका के अब तक के सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति भी हैं। डाक्टर का कहना है कि राष्ट्रपति बाइडन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करने के लिए अब पूरी तरह से फिट हैं।

मायो क्लीनिक ने बताया कि कोलोन पोली में पेट के अंदर कोशिकाओं की एक छोटी से गांठ बन जाती है, जो अधिकांशत: घातक नहीं होती। लेकिन कुछेक मामलों में आगे जाकर यह कैंसर का रूप भी ले लेती है। क्लीनिक की सलाह है कि पेट के कैंसर से बचाव का सबसे सरल तरीका यह है कि समय-समय पर इसकी स्क्रीनिंग कराएं और कोई गांठ हो तो उसे निकलवा दें।

डा.केविन ने कहा कि बाइडन की सात से 10 वर्षों में एक और कोलोनोस्कोपी होनी चाहिए। बाइडन ने शुक्रवार को कोलोनोस्कोपी के दौरान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को कुछ समय के लिए सत्ता की बागडोर सौंप दी थी। अमेरिकी इतिहास में पहली बार देश की सत्ता किसी महिला के हाथ में रही। कोलोनोस्कोपी के अलावा, बाइडन की शारीरिक जांच भी हुई, जिसमें उनको स्वस्थ घोषित किया गया।

Edited By: Tanisk