इस्‍लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने राजनेता अब्दुल कयूम नियाजी को गुलाम कश्मीर (Pakistan occupied Kashmir, PoK) के अगले पीएम के रूप में चुना है। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने व्यापक विचार-विमर्श और सभी प्रस्तावों की समीक्षा के बाद अब्दुल कय्यूम नियाजी (Abdul Qayyum Niazi) को गुलाम कश्मीर का पीएम नामित करने का फैसला किया है। 

नियाज़ी सीमावर्ती क्षेत्र अब्बासपुर पुंछ से पीओके विधानसभा के सदस्य हैं। यही नहीं वह इमरान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ के केंद्रीय संयुक्त सचिव भी हैं। नियाज़ी ने हाल ही में एलए-18 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता था। गौर करने वाली बात यह भी है कि शुरुआत में उनको इस पद के दावेदारों में शामिल नहीं माना जा रहा था। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इमरान खान ने शुक्रवार और शनिवार को पीओके के प्रधानमंत्री पद के लिए कम से कम सात उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान ने उनसे उनकी भविष्य की रणनीति और पर्यावरण, पर्यटन और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार से संबंधित कई सवाल किए थे। सूत्रों ने बताया कि पीएम इमरान ने इस बात पर नाखुशी जाहिर की थी कि अलग-अलग तबके उनसे संपर्क कर रहे थे और खास उम्मीदवारों के चयन के लिए दबाव बना रहे थे। इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) 25 जुलाई को हुए चुनाव के बाद पीओके विधानसभा में सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरी है।

उल्‍लेखनीय है कि गुलाम कश्मीर (गिलगिट-बाल्टिस्तान) में हुए मतदान के दौरान कई क्षेत्रों में जबर्दस्त हिंसा हुई थी। विपक्ष ने निर्वाचन आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए यह धमकी दी थी कि धांधली की जांच नहीं हुई तो वह भारत की मदद लेने से भी गुरेज नहीं करेंगे।  पीटीआइ पहली बार गुलाम कश्मीर में सरकार बना रही है।

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गुलाम कश्मीर में हुए चुनावों को खारिज कर दिया है। भारत का कहना है कि यह सब दिखावा है। पाकिस्तान अवैध तरीके से कब्जा की हुई जमीन पर चुनाव नहीं करा सकता है। भारत ने इस मुद्दे पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। गुलाम कश्मीर में हुए चुनावों पर कड़ा विरोध जताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारतीय क्षेत्रों पर पाकिस्तान का कोई आधार और अधिकार नहीं है और उसे जल्द से जल्द भारत की कब्जाई सभी जमीनों और क्षेत्रों को खाली कर देना चाहिए। 

Edited By: Krishna Bihari Singh