इस्लामाबाद, एएनआई। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति रिटायर्ड जनरल परवेज मुशर्रफ ने स्वीकार किया है कि कश्मीर में भारतीय सेना के खिलाफ लड़ने के लिए कश्मीरियों को पाकिस्तान में प्रशिक्षित किया जाता था, और उन्हें 'हीरो' कहा जाता था। मुशर्रफ ने कहा कि ओसामा बिन लादेन और जलालुद्दीन हक्कानी जैसे आतंकवादी आतंकियों के पाकिस्तानी हीरो हुआ करते था। मुशर्रफ ने सारी बातें एक टीवी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कही हैं।

हमने तालिबान को ट्रेंड किया: मुशर्रफ

पाकिस्तान के राजनेता फरहतुल्लाह बाबर द्वारा बुधवार को ट्विटर पर परवेज मुशर्रफ के इंटरव्यू का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में मुशर्रफ के यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, 1979 से बहुत सारी चीज बदलती चली आ रही हैं। सोवियत को निकलाने के लिए हमने पाकिस्तान के हक में यहां पर एक धार्मिक आतंकवाद पेश किया। हम मुजाहिद्दीन लाए पूरी दुनिया से, हमने तालिबान को ट्रेंड किया। हमने उन्हें हथियार दिए और अंदर भेजा। वो हमारे हीरो थे।

'जो पहले हीरो थे वे अब विलेन हैं'

मुशर्रफ ने कहा कि जलालुद्दीन हक्कानी 80 के दशक का हमारा हीरो है, ओसामा बिन लादेन हमारा हीरो था। इसी बीच टीवी एंकर मुशर्ऱफ को बीच में टोकते हुए कहता है कि, ओसामा सीआईए का भी हीरो था। मुशर्ऱफ ने कहा कि, पहले माहौल अलग था... अब माहौल अलग है। अब हो हीरो विलेन बन गए हैं। अब अगर 90 के दशक को ले कश्मीर को लेकर हाफिज सईद की बात करें तो वहां इनके नेतृत्व में स्वतंत्रता संघर्ष शुरू हुआ। 1999 में कश्मीरियों को भारतीय सेना ने बुरी तरह मारा.. तो भागकर पाकिस्तान आ गए।

कश्मीरी को हमने पाकिस्तान में ट्रेंड किया: परवेज 

मुशर्रफ ने कहा कि, पाकिस्तान में कश्मीर से भागकर आए लोगों को हीरो की संज्ञा दी गई। कश्मीरियों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग भी दी गई और हम उनके सपोर्ट में भी थे। ये मुजाहिद्दीन है जो भारत की सेना से लड़ेगे.. अपने हक के लिए। इसके बाद यहां लश्कर ए तैयबा जैसे 10-12 और संगठन बने। जो हमारे हीरो थे। वे कश्मीर में अपने भाई-बहनों के लिए जान पर खेलकर लड़ रहे थे। 

Posted By: Sanjeev Tiwari

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