लाहौर, एएनआइ। पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता का एक नया मामला सामने आया है। गोनिला गिल नामक ईसाई महिला पत्रकार को सिर्फ इस वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी, क्योंकि उन्होंने एक मुस्लिम से शादी की और इस्लाम धर्म नहीं अपनाया। इसके चलते वह अपने सहकर्मियों के निशाने पर थीं। उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा था। इससे तंग आकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

लाहौर प्रेस क्लब में इकलौती पंजीकृत ईसाई पत्रकार

हुसनैन जमील से शादी करने वाली 38 वर्षीय गिल दुनिया न्यूज में काम करती थीं। कार्यस्थल पर उन्हें अपने धर्म और इस्लाम नहीं अपनाने को लेकर अपमानित किया जाता था। वह लाहौर प्रेस क्लब में इकलौती पंजीकृत ईसाई पत्रकार हैं। उनके पति ने कहा, 'गोनिला का कहना है कि वे मेरी आस्था के बारे में फालतू बातें करते हैं, लेकिन मैं उम्मीद नहीं छोड़ूंगी और अपने धर्म के साथ खड़ी रहूंगी।'

अल्पसंख्यकों की दशा अच्छी नहीं

पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू, सिख, अहमदिया, ईसाई और शिया जैसे अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों की दशा अच्छी नहीं है। उन्हें ना सिर्फ कट्टरपंथी लोगों बल्कि प्रशासन के हाथों भी भेदभाव और अन्याय से जूझना पड़ता है। मुल्क में हाल के समय में अल्पसंख्यकों के जबरन धर्मांतरण, हत्या और अपहरण के कई मामले सामने आए हैं। इसको लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की खूब आलोचना हुई है।

पाकिस्‍तान का आरोपों से इन्‍कार

गौरतलब है कि भारत कई अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों की दुर्दशा को लेकर आवाज उठा चुका है। आए दिए कई खबरें भी आती हैं, जिनमें हिंदू और ईसाई लड़कियों के साथ यौन अपराध की बात सामने आती है। हालांकि, पाकिस्‍तान इन आरोपों से इन्‍कार करता रहा है। लेकिन एक बार फिर गिल ने पाकिस्‍तान की सच्‍चाई सबसे सामने रख दी है।

Posted By: Tilak Raj

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