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'हमारे हक का पानी रोका तो हाथ काट देंगे', भारत ने रोका सिंधु का पानी तो बौखलाया PAK; गीदड़भभकी दी

Published: Tue, 30 Jun 2026 10:10 AM (IST)

पुलवामा हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि स्थगित करने से पाकिस्तान बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है। ऐसे में पाकिस्तानी मंत्रियों की बौखलाहट साफ नजर आ रही है।

HighLights

  1. भारत ने पुलवामा हमले के बाद सिंधु जल संधि स्थगित की

  2. पाकिस्तानी मंत्री ने पानी रोकने पर हाथ काटने की धमकी दी

  3. भारत का स्पष्ट रुख: आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। दुनियाभर में कटोरा लेकर घूम रहा पाकिस्तान बीते एक साल से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। इसका कारण जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत का पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 'सिंधु जल समझौता' स्थगित करना है। भारत के इस कड़े कदम से पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है और आए दिन नई-नई गीदड़भभकी भी दे रहा है। 

इस मामले में अब पाकिस्तान की ओर से नई गीदड़भभकी जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने दिया है। मलिक ने कहा है कि यह पहले ही साफ किया जा चुका है कि जो भी पाकिस्तान के हिस्से का पानी छुएगा, उसके हाथ काट दिए जाएंगे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल एआरवाई (ARY) पर दिए गए उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

'एक पड़ोसी देश के पीएम के हाथ में है पानी का नल'

मुसादिक मलिक के अलावा पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के मुताबिक तरार ने कहा "एक पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हाथ में पानी का नल है। वह कहते हैं कि वह पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाने देंगे।" उन्होंने दावा किया कि कोई भी देश इस समझौते को अकेले अपनी मर्जी से रद नहीं कर सकता।

भारत का साफ संदेश- 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते'

वो कहते हैं ना कि जिसके बस में कुछ नहीं होता वो बड़बोला होता है और पाकिस्तान की हमेशा से ऐसी ही आदत रही है। भले ही शहबाज के मंत्री किसी भी प्रकार का कोई भाषण दे दें। सच्चाई तो यह है कि भारत की सख्ती के चलते आज पाकिस्तान पानी के लिए तरस रहा है। 

इसका जिम्मेदार भी खुद पाकिस्तान ही है। भारत ने पहले ही साफ कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा था कि आतंक और बातचीत साथ नहीं हो सकते; पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।

इसके अलावा, हाल ही में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी साफ किया था कि भारत इस मुद्दे पर झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा था "पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को सस्पेंड करके हमने साफ कर दिया है कि जिनके आंसू सूख चुके हैं, वे हमसे पानी की उम्मीद न रखें।" हम सिंधु नदी का पानी आतंकवादियों के आकाओं और इंसानियत के दुश्मनों तक नहीं पहुंचने देंगे।