इस्‍लामाबाद, एएफपी। पाकिस्‍तान का असल चेहरा अब पूरी दुनिया के सामने आना शुरू हो गया है। उसने सीरिया में तुर्की की कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया है। पाकिस्‍तान का यह रुख ऐसे वक्‍त पर सामने आया है जब तुर्की के राष्‍ट्रपति रसेप तैयब एर्दोगान महीने के अंत में इस्‍लामाबाद का दौरा करने वाले हैं। एर्दोगान (Recep Tayyip Erdogan) ने कहा है कि वह सीरिया के कथित कुर्द लड़ाकों के खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई को जारी रखेंगे।

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इमरान खान ने शुक्रवार को एर्दोगान को फोन करके सीरिया में तुर्की के सैन्‍य बलों की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान आतंकवाद के मसले पर तुर्की की चिंताओं को बखूबी समझता है। पाकिस्तान पूरी तरह से उन खतरों और चुनौतियों से वाकिफ है जिसकी वजह से आतंकवाद के कारण तुर्की के 40 हजार लोगों की मौत हुई है।

इमरान खान ने एर्दोगान से कहा कि हम प्रार्थना करते हैं कि तुर्की क्षेत्रीय स्थिरता के शांतिपूर्ण समाधान की कोशिशों में सफल हो। इमरान खान का यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप की, उत्‍तर सीरिया में तुर्की की कार्रवाइयों को ग्रीन सिग्‍नल दिखाने को लेकर आलोचनाएं हो रही हैं। बता दें कि ये वही कुर्द लड़ाके हैं जिन्‍होंने सीरिया में आईएस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी सेनाओं का साथ दिया था। इस लड़ाई में सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (Syrian Democratic Forces) के 11 हजार लड़ाकों की मौत हो चुकी है।

उल्‍लेखनीय है कि भारत सरकार सीरिया में तुर्की की सैन्य कार्रवाई का विरोध कर चुकी है। भारत ने कहा था कि तुर्की की कार्रवाई क्षेत्र में स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर कर सकती है। यह नागरिकों के लिए संकट की स्थिति पैदा कर सकती है। भारत ने सख्‍त लहजे में कहा था कि तुर्की को सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए।  

Posted By: Krishna Bihari Singh

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