इस्लामाबाद, प्रेट्र। मेजबान चीन के प्रयासों के बावजूद ब्रिक्स देशों के सम्मेलन से इतर एक वर्चुअल संवाद में भाग नहीं ले पाने का पाकिस्तान का दर्द छलक आया है। उसने भारत की ओर इशारा करते हुए कहा कि ब्रिक्स के 'एक सदस्य' ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने से उसे रोक दिया।

विदेश कार्यालय (एफओ) ने कहा कि ब्रिक्स सदस्यों के 14वें सम्मेलन से इतर वैश्विक विकास के मुद्दे पर इस साल एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इसमें ब्रिक्स सदस्यों से इतर कई विकासशील व उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं शामिल हुई थीं। ब्रिक्स सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन व दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। मेजबान के नाते चीन ब्रिक्स की बैठक से पहले पाकिस्तान के साथ वैश्विक विकास पर उच्चस्तरीय संवाद (एचएलडीजीडी) को लेकर बातचीत कर रहा था। समूह के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। यहां तक कि गैर सदस्यों के आमंत्रण के संबंध में भी।

हमें विश्वास है कि समूह के आगामी फैसले समावेशिता पर होंगे आधारित: पाकिस्तान

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'दुखद है कि ब्रिक्स के एक सदस्य देश ने संवाद में भाग लेने से पाकिस्तान को रोक दिया। हमें विश्वास है कि समूह के आगामी फैसले समावेशिता पर आधारित होंगे। इसमें विकासशील दुनिया के हितों का ध्यान रखा जाएगा और वह संकीर्ण भूराजनीतिक विचारों से रहित होगा।' अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद भारत व पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंध काफी खराब हो गए हैं।

बैठक में पाकिस्तान की प्रतिभागिता संबंधी सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिया ने बीजिंग में कहा, 'वैश्विक विकास पर संवाद आयोजित करने का फैसला ब्रिक्स सदस्यों की आमसहमति पर आधारित था। चीन व पाकिस्तान करीबी रणनीतिक सहयोगी हैं। पाकिस्तान वैश्विक विकास पहल संबंधी एक समूह का अहम सदस्य है। चीन वैश्विक विकास में पाकिस्तान की भूमिका को महत्व देता है।'

कश्मीर में बैठक को लेकर जी-20 देशों से बात करेगा पाकिस्तान

इस बीच, एक मीडिया रिपोर्ट में सोमवार को बताया गया कि भारत को कश्मीर में जी-20 की बैठक आयोजित करने से रोकने के लिए पाकिस्तान समूह के सदस्य देशों से बातचीत करेगा। विशेष रूप से चीन, तुर्की व सऊदी अरब के साथ वह अपनी चिंता साझा करेगा। सूत्रों के अनुसार, वह भारत की योजना को लेकर अमेरिका व ब्रिटेन से भी बात करेगा।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan