विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अपना विशेष प्रतिनिधि हटाया, दोनों देशों के बीच संबंध नहीं सुधार पा रहे थे आसिफ दुर्रानी

By Agency Edited By: Sonu Suman
Published: Sat, 14 Sep 2024 10:45 PM (IST)

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अपने विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी को हटा दिया है। यह कदम काबुल और इस्लामाबाद के बीच ...और पढ़ें

पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान में अपने विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी को हटा दिया।
पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान में अपने विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी को हटा दिया।

HighLights

  1. पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान में अपने विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी को हटा दिया
  2. आसिफ को 10 सितंबर को विशेष प्रतिनिधि के पद की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया

पीटीआई, इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान में अपने विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी को हटा दिया है। काबुल और इस्लामाबाद के बीच तनाव बढ़ जाने के बाद पाकिस्तान सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, आसिफ को 10 सितंबर को अफगानिस्तान में विशेष प्रतिनिधि के पद की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। 

एक्सप्रेस ट्रिब्यून समाचार पत्र ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि मई 2023 में विशेष प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त आसिफ पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंध में प्रभाव बनाने में विफल रहे। तालिबान नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के साथ बहुत कम संपर्क होने के कारण आसिफ की काबुल में स्वीकार्यता नहीं थी। 

जून 2020 में बनाया गया था विशेष दूत का पद

डॉन समाचारपत्र के अनुसार, पाकिस्तानी सेना आसिफ के प्रदर्शन से नाराज थी। अमेरिका-तालिबान दोहा समझौते के बाद जून 2020 में अफगानिस्तान के लिए विशेष दूत का पद बनाया गया था। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लगातार हमले के साथ ही सीमा पर होने वाली झड़पों के कारण पाकिस्तान-अफगानिस्तान के संबंधों में तनाव पैदा हो गया। 

2021 में तालिबान के सत्ता पर कब्जा करने के बाद पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में तेजी आ गई है। पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि अफगानिस्तान में टीटीपी का सुरक्षित ठिकाना है और वहीं से संचालित है। तालिबान इस आरोप का खंडन करता रहा है।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में गुलाम जम्मू-कश्मीर के लोगों पर जुल्म, पुलिस पर हत्याओं का लगा आरोप; हस्तक्षेप की मांग