नई दिल्ली, जेएनएन। पाकिस्तान की 73 वें यौमे आजादी के दिन भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान गीदड़भभकी देने से बाज नहीं आए। संसद में उन्होंने पाकिस्तानियों का दिल जीतने के लिए कहा कि अब यदि भारत ने कश्मीर में कुछ किया तो उन्हें ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि वो खुद जम्मू कश्मीर का एंबेसडर बनकर दूसरे देशों से इस मामले में मदद करने के लिए कहेंगे। वो खुद जम्मू कश्मीर की आवाज को पूरी दुनिया तक पहुंचाएंगे। 

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करके जो आखिरी कार्ड खेला उसका परिणाम आने वाले समय में पता चलेगा। अभी वहां सबकुछ बंद है इस वजह से लोग अपनी आवाज भी बुलंद नहीं कर पा रहे हैं मगर यहां से पाबंदियों के हटने के बाद उनको इसका परिणाम भी भुगतना होगा। पाकिस्तानी संसद में इमरान खान ने नरेंद्र मोदी, आरएसएस की हिटलरशाही को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता है मगर जब उसकी शांति को भंग करने की कोशिश की जाएगी तो उसका परिणाम खतरनाक ही होगा। पेश है संसद में इमरान खान के भाषण के प्रमुख अंश-

- पाकिस्ताान के सामने खतरनाक आइडियोलॉजी है जिसका नाम आरएसएस है, आरएसएस की सोच मु‍स्लिमों से बदला लेने की है। आरएसएस की जो सोच है वो मुस्लिमों के साथ इसाइयों से भी नफरत करती है।

- पाकिस्ताएन यदि इस आइडियोलॉजी को समझ जाए तो हमें इनकी अगली रणनीति समझ आ जाएगी। जिन्ना पहले ही समझ गए थे भारत की आजादी में मुस्लिम आजाद नहीं हो सकेगा। आरएसएस की सोच के चलते ही पाकिस्तान बना और गांधी को कत्ल किया गया।

- गुजरात का दंगे इसी सोच की वजह से हुए। जम्मू - कश्मीर के लिए जो फैसला लिया गया वह आरएसएस की इसी सोच का नतीजा है। दुनिया की चुप्पी से आरएसएस के फैसले को ताकत मिल गई है।

- मकबूजा कश्मीर के बाशिंदों पर जुल्म किए गए है। मोदी ने जो कार्ड खेला है वो उसका फाइनल हिस्सा था। हिटलर ने भी यहुदियों के लिए फाइनल प्लान बनाया था।

- मोदी ने पहले वहां फौज भेजी, फिर टूरिस्टों को वापस बुला लिया, अभी तक वहां रहने वाले सभी के दिलों में खौफ है। नरेंद्र मोदी ने गलती कर दी है। उन्होंने अपना आखिरी कार्ड खेल दिया है वो उनको अब बहुत भारी पड़ेगा।

- भारत ने अब कश्मीर के इस हिस्से को अंतरराष्ट्रीय बना दिया है। आज कश्मीर के जो हालात है इस वजह से इस बारे में कोई बात नहीं कर रहा। अब दुनिया की नजर कश्मीर पर है और पाकिस्तान पर है। इमरान ने संसद के सामने कहा कि वो इस बात की जिम्मेदारी लेते हैं कि वो खुद कश्मीर मसले के अंबेसडर बनेंगे। उसके बाद दुनिया को आरएसएस की आइडियालॉजी से आगाह किया जाएगा।

- दुनिया नहीं जानती कि आरएसएस की आइडियालॉजी खतरनाक है। यूपी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां का चीफ मिनिस्टर तो नार्मल बातें ही नहीं करता है, वो जैसी बातें करते हैं उससे उनके नार्मल होने का पता नहीं चलता है। बीमार दिमाग की तरह बात करते हैं। उनके अंदर जरा सी तहजीब नहीं है, मुस्लिमों को लेकर नफरत भरी हुई है।

 - अनुच्छेद 370 भारत का बनाया कानून था, वो उन्होंने ही रद्द कर दिया। वो खुद ही अपनी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ गए। बीजेपी के सासंद डर डर कर बात कर रहे है। जो बातें कर रहा है उसको गद्दार कहा जा रहा है।

- आज के समय मुसलमान खौफ में रह रहा है। अपने क्रिकेट के दिनों की याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब वो क्रिकेट खेलने जाते थे तो कई बार खाते पीते घरों के मुसलमान बात करते थे। कहते थे कि दो देशों की थ्योरी ठीक नहीं थी। आज वही मुसलमान दोनों देश की थ्योरी ठीक बता रहे हैं। कश्मीर के नेता प्रो इंडिया थे आज वो भी कह रहे हैं कि कायदे आजम ठीक कह रहे थे।

- ये जो आरएसएस का जिन्न निकला है अब वो वापस नहीं जाएगा, वो आगे जाएगा। मुसलमानों के बाद सिखों के ऊपर मुश्किल वक्त आएगा। क्रिश्चयन के ऊपर पहले आ चुका है।

- उन्होंने संसद से मोदी को पैगाम दिया, कहा कि वो एक्शन लें, ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। अभी तक कहा जा रहा था कि पाकिस्तान बीते 20 सालों से लाशें उठा रहा है अब वो लाशें नहीं उठाएगा।

- अब पाकिस्तान की फौज और कौम तैयार है। मुसलमान जंग के लिए कभी पहल नहीं करता, मगर जब उसे उकसाया जाएगा तो वो जंग में पीछे भी नहीं हटेगा, उसके अंदर से मरने का डर खत्म हो जाएगा।

 - आजादी बचाने के लिए जो जंग होती है उसमें जो मरते हैं वो रुतबा पैगम्बर के बाद होता है। मुसलमान मौत से नहीं डरता है। आजादी के लिए लड़ता है। मोदी जो करेंगे उसका मुकाबला किया जाएगा।

- जंग किसी मसले का हल नहीं है। ये बहुत बड़ी कैलकुलेशन मिस है।

- पाकिस्तान पूरी तरह से तैयार है। कौम एक पर है। किसी किस्म से नियम को तोड़ा तो वो उसके खिलाफ रहेंगे। आप जिम्मेदार होंगे, जंगें रोकना जिनका काम था वो कमजोर पर हमला कर रहे हैं।

 - सवा अरब मुसलमान पाकिस्तान की तरफ देख रहा है। लीडरशिप की मजबूर होती है। उनका दिल धड़क रहा है। वायदे किए थे, अधिकार दिया था, आपके लिए किया वो रिजोल्यूशन उठाकर फेंक दिया। यूनाइडेट नेशंस को दुनिया के हर फोरम पर जाएंगे। कश्मीर के लिए लंदन की सड़कों पर लोग निकलेंगे। बारबार बताना है कि ये जब कश्मीर के हालात सामान्य होंगे तो जो जुल्म हुआ उसको अंतरराष्ट्रीय कमेटी को बताया जाएगा कि वहां क्या हुआ।

- भारत की रुचि इस मसले का स्थायी समाधान की नहीं थी। भारत पाकिस्तान को सबक सिखाना चाह रहा है। भारत और पाक दोनों मुल्क एक मकसद के लिए बने थे, वो उसके साथ बना रहेगा। दुनिया में मुल्क को मिसाल बनाएंगे। अपना मुल्क बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे।

 - मोदी गलतफहमी में न रहें, कश्मीरियों के लिए जो किया, वो भी उनके खिलाफ है। जनरेशन के मन से मौत से डर चला गया है। अब वो सब निडर हो चुके हैं। जिंदगी से ऊपर कौम की गैरत आजादी के लिए काम कर रहे हैं। मोदी गुलाम नहीं बना सकेंगे। आजाद कश्मीर पर सबक सिखाने को तैयार नहीं है। सबक सिखाया जाएगा।  

Posted By: Vinay Tiwari