लाहौर, पीटीआइ। पाकिस्तान पुलिस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के भतीजे हसन नियाजी के घर पर छापा मारा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह छापा हाल ही में एक अस्पताल पर हुए हमले को लेकर था, जिसमें पांच मरीजों की गंभीर हालत में मौत हो गई थी।

बुधवार को लाहौर में पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (पीआईसी) में सैकड़ों वकीलों के हंगामे और तोड़-फोड़ के बाद कम से कम पांच मरीजों की मौत हो गई थी और कई की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अर्धसैनिक बल पाकिस्तान रेंजर्स और दंगा पुलिस को बुलाया गया।

बदला लेने के लिए किया हमला

वकीलों ने बताया कि उन्होंने दो हफ्ते पहले साथी अधिवक्ता पर डॉक्टरों द्वारा किए गए हमले का बदला लेने के लिए डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों पर हमला किया। राष्ट्रीय चैनलों पर दिखाए जा रहे फुटेज में दिख रहा है कि इमरान खान का भतीजा हसन नियाजी जो एक वकील है हमलावर वकीलों के साथ देखाई दे रहा है। हालांकि, छापेमारी के दौरान हसन अपने आवास पर मौजूद नहीं था।

सूचना मंत्री के साथ हाथापाई

वकीलों के साथ बातचीत करने के लिए अस्पताल पहुंचे पंजाब के सूचना मंत्री फैयाजुल हसन चैहान के साथ भी हाथापाई की गई थी। चैहान ने कहा, 'युद्ध के समय में भी अस्पतालों को बख्श दिया जाता था, लेकिन अनियंत्रित वकीलों ने आज हर सीमा को पार कर लिया और एक स्वास्थ्य सुविधा पर हमला कर दिया, जिससे पांच मरीजों की मौत हो गई और डॉक्टरों और तीमारदारों को चोटें आईं।'

50 वकीलों की गिरफ्तारी

हमले के सिलसिले में गुरुवार को पाकिस्तान पुलिस ने महिलाओं सहित लगभग 50 वकीलों को गिरफ्तार किया है। इस बीच देश भर के वकीलों ने अस्पताल हमले में शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का विरोध करते हुए अदालत के कामकाज का बहिष्कार किया और गिरफ्तार लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की है।

Posted By: Manish Pandey

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