नई दिल्‍ली, पीटीआइ। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का तालिबान प्रेम शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भी सामने आया। इमरान खान (Imran Khan) ने शुक्रवार को इस बैठक में परोक्ष रूप से अमेरिका पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि अफगानिस्तान को 'बाहर से नियंत्रित' नहीं किया जा सकता है। उनका मुल्‍क युद्धग्रस्त पड़ोसी देश में तालिबान की सरकार का समर्थन करना जारी रखेगा। यही नहीं उन्‍होंने दुनिया से अफगानिस्तान में तत्काल मानवीय सहायता दिए जाने की गुहार लगाई।  

तालिबान की सरकार को हर तरह की मदद दी जाए

इमरान खान ने तालिबान का समर्थन करते हुए उनकी मदद करने को लेकर दुनिया को चेतावनी भी दी है और कहा कि अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान का काबिज होना एक सच्चाई है। अब यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में है कि वहां पर फिर हिंसा न भड़के और अफगानिस्तान फिर से आतंकियों की सुरक्षित शरणगाह न बनने पाए। इसके लिए तालिबान की सरकार को हर तरह की मदद दी जाए।

स्थिर अफगानिस्तान पाकिस्तान के हित में

इमरान ने कहा कि बिना गृह युद्ध और शरणार्थियों की भीड़ पैदा हुए अफगानिस्‍तान में सत्ता परिवर्तन हो गया। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अस्थिरता और हिंसात्मक टकराव की वजह से सर्वाधिक मुश्किलें झेली हैं। शांत और स्थिर अफगानिस्तान पाकिस्तान के हित में है। इमरान ने कहा, अफगानिस्तान में जिस तरह से पूर्व सरकार हटी, उसने सभी को हैरान कर दिया। इसके बाद वहां की सत्ता पर तालिबान काबिज हुआ और विदेशी फौजें वहां से हटीं।

ताकि ना पैदा हो हिंसक टकराव 

इमरान ने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह अफगानिस्तान में फिर से हिंसक टकराव पैदा न होने दे। अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय सहायता वहां पर मानवीय और आर्थिक संकट रोकने के लिए जरूरी है क्योंकि अफगानिस्तान में पूर्व की सरकार काफी हद तक विदेशी मदद पर निर्भर थी। उसके हटने के बाद वहां का आर्थिक ढांचा ध्वस्त हो गया है। इसलिए अब अफगानिस्तान के लोगों के साथ मजबूती के साथ खड़े होने की जरूरत है।

यह दलील दी 

इमरान ने कहा कि अफगानिस्‍तान को आर्थिक मदद देने से तालिबान शासकों को अपने वादों पर खरा उतरने का मौका मिलेगा। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने शिखर सम्मेलन में भेजे अपने वीडियो संदेश में अफगानिस्तान में आर्थिक, मानवीय और सुरक्षा संकट की चर्चा की है। उम्मीद जताई है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय वहां की दशा सुधारने में मदद देगा।

अफगानिस्तान पर ईरान के राष्ट्रपति से चर्चा की

दुशांबे में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर इमरान खान ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी से द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मसलों पर वार्ता की। इसमें द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और अफगानिस्तान मसले पर चर्चा मुख्य थी। वार्ता में इमरान ने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की स्थिरता के लिए ईरान का सहयोग मांगा। विदित हो कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान के बढ़ते प्रभाव से ईरान चिंतित है। कई ईरानी नेताओं ने इस पर अपनी चिंता भी व्यक्त की है।