लाहौर, रायटर। पाकिस्तान की एक अदालत ने पिछले साल देशभर में उग्र प्रदर्शन करने वाली कट्टरपंथी तहरीक-ए-लबैक पार्टी (टीएलपी) के प्रमुख खादिम हुसैन रिजवी को जमानत दे दी है। रिजवी को पिछले साल नवंबर में उस समय गिरफ्तार किया गया था जब उसके समर्थकों ने ईशनिंदा मामले में ईसाई महिला आसिया बीबी को बरी किए जाने के विरोध में कई शहरों में उपद्रव किया था। टीएलपी ने आसिया और उन्हें बरी करने वाले जजों को जान से मारने की भी धमकी दी थी।

टीएलपी के वकील मुहम्मद आरिफ अवान ने कहा, 'लाहौर हाई कोर्ट ने आतंकवाद, देशद्रोह और हिंसा भड़काने के आरोपों में गिरफ्तार किए गए रिजवी और संगठन के उप प्रमुख पीर अफजल कादरी की जमानत मंगलवार को मंजूर कर ली।' पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 31 अक्टूबर को अपने ऐतिहासिक फैसले में आसिया को मिली मौत की सजा को रद कर दिया था।

आसिया (48) को साल 2010 में मौत की सजा सुनाई गई थी। उन पर पड़ोसियों के साथ झगड़े के दौरान इस्लाम का अपमान करने का आरोप था। आसिया पिछले हफ्ते पाकिस्तान छोड़कर कनाडा चली गई। जेल से रिहाई के बाद से ही वह पाकिस्तान में किसी गुप्त स्थान पर रह रही थीं। उन्हें बरी किए जाने के विरोध में टीएलपी के नेतृत्व में पाकिस्तान में कई कट्टरपंथी सड़कों पर उतर आए थे। उन्होंने कई शहरों में ¨हसक विरोध प्रदर्शन किए थे।

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Posted By: Sanjeev Tiwari

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