इस्लामाबाद, रायटर। पाकिस्तान में फर्जी लाइसेंस घोटाले में सरकार की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। समाचार एजेंसी रायटर्स ने सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान में फर्जी लाइसेंस घोटाले में 50 पायलटों सहित 5 अधिकरियों पर आपराधिक मुकदमा चलाए जाने की तैयारी हो रही है। इन अधिकारियों पर पायलटों के फर्जी लाइसेंस दिलाने में मदद का आरोप है। दो वरिष्ठ सरकारी स्रोतों ने समाचार एजेंसी रायटर्स को इसकी जानकारी दी है।

पाकिस्तान में करीब तीन महीने के बाद यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है। तीन महीने पहले पाकिस्तान में सैकड़ों पायलटों को फर्जी लाइसेंस दिए जाने की बात सामने आई थी। इसमें कथित रूप से संदिग्ध योग्यता के आधार पर दर्जनों पायलटों को कटघरे में खड़ा कर दिया।

इससे पहले पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआइए) के फर्जी उड़ान लाइसेंस घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए नागर विमानन प्राधिकरण (सीएए) के तीन अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया था। चौथे कर्मचारी ने बर्खास्तगी के खिलाफ पहले ही अदालत से आदेश प्राप्त कर लिया है। 'डॉन' की खबर में यह जानकारी दी गई थी।

कराची में 22 मई को पीआइए का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें 97 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद ही पायलट लाइसेंस घोटाला सामने आया। जांच में पता चला कि पाकिस्तान के करीब एक तिहाई पायलटों ने परीक्षा में नकल की थी। इसके बावजूद इन्हें सीएए से लाइसेंस मिल गए। संसद में विमानन मंत्री द्वारा सैकड़ों पायलटों के फर्जी दस्तावेज की जानकारी दिए जाने के बाद 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सीएए को पीआइए के पायलटों के खिलाफ तत्काल जांच पूरी करने का जिम्मा सौंपा था।

तकरीबन एक महीने पहले भी पाकिस्तान के विमानन प्राधिकरण ने संदिग्ध लाइसेंस रखने के लिए 68 पायलटों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद देश में नकली पहचान के साथ उड़ान भरने वालों की संख्या कुल 161 हो गई थी। डॉन अखबार ने जानकारी देते हुए बताया था कि उन्हें (68 पायलटों) सोमवार को एविएशन डिवीजन ने निलंबित कर दिया गया था। ये निलंबित व्यक्ति उन 262 पायलटों में से थे, जिन्हें उड्डयन मंत्रालय ने संदिग्ध लाइसेंस द्वारा उड़ान भरने के लिए जांच के दायरे में रखा था।

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