इस्लामाबाद [एजेंसी]। पाकिस्तान में नवनिर्वाचित सरकार द्वारा जाने माने अर्थशास्त्री डॉक्टर आतिफ मियां को हटाने के विरोध में एक और अर्थशास्त्री ने आर्थिक सलाहकार परिषद से इस्तीफ़ा दे दिया। अहमदी को हटाए जाने के विरोध में EAC से इस्तीफ़ा देने वाले डॉक्टर इमरान रसूल दूसरे अर्थशास्त्री हैं।

इससे पहले आतिफ को हटाए जाने के विरोध में आर्थिक सलाहकार परिषद के एक अन्य सदस्य एवं हार्वर्ड विवि के प्रोफेसर असीम एजाज ख्वाजा भी इस्तीफा दे चुके हैं। उनके इस फैसले पर अमेरिका में रह रहे पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने फक्र का इजहार किया है।

ट्वीट कर जताया दुख

इस्तीफे की सूचना इमरान रसूल ने ट्वीट के जरिए दी। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ इमरान रसूल ने एक ट्वीट में कहा, "भारी दिल के साथ, मैंने आज सुबह ईएसी से इस्तीफा दे दिया है।"

डॉक्टर आतिफ मियां को अहमदी समुदाय का होने की वजह से हटाया गया था। पाकिस्तान सरकार के इस कदम की काफी आलोचना हुयी थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने ट्वीट करके इस कदम को गलत बताया था।

18-सदस्यीय EAC में आतिफ मियां की नियुक्ति, आर्थिक नीति पर सरकार को सलाह देने के लिए की गई थी। उनकी नियुक्ति का कुछ लोगों और समूहों ने विरोध किया था। आतिफ मियां के विरोध के पीछे उनका अहमदी सम्पद्राय से जुड़ाव है।

पाकिस्तान में अहमदी संप्रदाय को मुसलमान नहीं माना जाता है। हालांकि पाकिस्तान सरकार के इस कदम की सोशल मीडिया पर लोगों ने आलोचना करते हुए पूछा था की क्या यही नया पाकिस्तान है ,जिसकी बात इमरान खान चुनाव प्रचार के दौरान कर रहे थे।

Posted By: Vikas Jangra