कराची, एजेंसी : पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार लगातार जारी है। उसके दक्षिणी सिंध प्रांत से जून में अगवा हुई हिंदू किशोरी करीना कुमारी ने यहां एक अदालत में बताया कि उसे बलपूर्वक इस्लाम कुबूल करवाया गया है। साथ ही उसकी एक मुसलमान से शादी करा दी गई। दक्षिणी सिंध प्रांत के बेनजीर शहीदाबाद में छह जून को अपने घर के बाहर से अगवा हुई करीना के गरीब पिता सुंदर माल ने नवाबशाह कोर्ट में पेशी के दौरान एक वीडियो संदेश में कहा कि उससे जबरन इस्लाम कुबूल करवाया गया और फिर खलीली नाम के आदमी से शादी करा दी गई। पीड़ित हिंदू लड़की ने उसे वापस अपने माता-पिता के घर भेजे जाने की मांग की है। हालांकि उसे अभी एक महिला केंद्र में भेजा गया है।

जबरन निकाह की संस्कृति ने हिंदू लड़कियों को खतरे में डाल दिया है

पीड़ित लड़की के पिता सुंदर माल ने कहा कि हम गरीब लोग हैं और हमारे पास अदालत आने के लिए बस के किराए तक के पैसे नहीं हैं। आज मेरी बेटी से सारी सच्चाई सामने रख दी है। अब अदालत को उसका अपहरण करने वाले, यौन उत्पीड़न करने वाले और उसे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। करीना के मामले में वकील दिलीप कुमार मंगलानी ने कहा कि जबरन निकाह की संस्कृति ने हिंदू लड़कियों और उनके परिवार के लोगों को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे मामलों में सजा दिलाने की पूरी कोशिश करते हैं लेकिन ज्यादातर मामलों में लोग नाबालिग लड़कियों के फर्जी दस्तावेज बनवाकर बच निकलते हैं।

पंजाब प्रांत में एक बुजुर्ग पर हुआ था हमला

बता दें कि पाकिस्तान में अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के लोगों को प्रताड़ित किए जाने का एक और मामला सामने आ चुका है। पंजाब (Punjab) प्रांत में 62 वर्षीय एक बुजुर्ग की एक धार्मिक कट्टरवादी शख्‍स ने चाकू गोदकर हत्‍या कर दी गई। मालूम हो कि 1974 में ही पाकिस्तान की संसद ने अहमदी समुदाय (Ahmadi Community) को गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया था। यहां तक कि उन्हें खुद को मुस्लिम (Muslim) कहने तक पर रोक लगा दी गई थी। अहमदी समुदाय के लोग हज (Hajj) के लिए सऊदी अरब (Saudi Arab) की यात्रा नहीं कर सकते हैं।

Edited By: Piyush Kumar