इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) के चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। पीओके चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही विपक्षी पार्टियों ने इमरान खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जानें क्या है विरोध की वजह

पीओके के चुनावी नतीजे आने के बाद इमरान खान की पाकिस्तान तहक-ए-इंसाफ‌ (पीटीआइ) पार्टी ने 25 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, वहीं इस चुनाव में दूसरे स्थान पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 11 सीटें प्राप्त हुईं। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को मात्र छह सीटें हासिल हुई। इसके बाद से क्षेत्र में खुलकर विद्रोह हो रहा है। चुनाव प्रक्रिया में सत्‍तारूढ़ सरकार के हस्तक्षेप से लोग परेशान थे, जो नतीजे आने के बाद विरोध प्रदर्शन की बड़ी वजह बना हुआ है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के महासचिव अहसान इकबाल ने कहा, 'पहले चरण में पार्टी के उम्मीदवार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विरोध रैलियां करेंगे, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व आगे की रणनीति तय करेगा।'

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज ने अख्तियार किया कड़ा रुख

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के महासचिव अहसान इकबाल ने कहा कि पीओके चुनाव के नतीजे और सियालकोट में उपचुनाव ने पीएमएल-एन ने यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) की वर्तमान सरकार लोगों की सच्ची प्रतिनिधि नहीं है और यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के चुनावों में जबरदस्ती और धांधली के नतीजे पेश किए गए हैं। इकबाल ने कहा, 'हाल के दो चुनावों ने एक बार फिर देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था के खोखलेपन को उजागर कर दिया है। इमरान खान वर्तमान 'लोकतांत्रिक नाटक' के केंद्रीय चरित्र हैं।'

क्या कहना है भारत का पीओके चुनावों को लेकर

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर POK के चुनावों पर भारत की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। भारत ने पाकिस्तानी अधिकारियों के समक्ष विरोध जाहिर किया है, साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चुनावों के अवैध कब्जे को छिपाने की बात कही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को नियमित मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि मैं इसे बहुत स्पष्ट कर दूं। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र में तथाकथित चुनाव पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे और इन क्षेत्रों में उसके द्वारा किए गए भौतिक परिवर्तनों को छिपाने के प्रयास के अलावा और कुछ नहीं है।

Edited By: Tilakraj