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आजादी के बाद पहली बार बदलेगा पाकिस्तान का नक्शा! मुनीर का चार सूबों को बांटने का प्लान

By Shubham KumarEdited By: Shubham Kumar
Published: Fri, 09 Oct 2026 01:34 PM (IST)Updated: Fri, 09 Oct 2026 02:15 PM (IST)

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर देश के चार प्रांतों को तोड़कर 12-15 नए छोटे राज्यों में बांटने की बड़ी साजिश रच रहे हैं।

मुनीर का ‘टुकड़े-टुकड़े’ प्लान।

मुनीर का ‘टुकड़े-टुकड़े’ प्लान।

HighLights

  1. जनरल मुनीर पाकिस्तान के चार प्रांतों को तोड़ने की योजना बना रहे हैं।

  2. यह 'फूट डालो और राज करो' नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

  3. पंजाब और सिंध प्रांतों को कमजोर करना मुख्य निशाना है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में अपनी हरकतों से किरकिरी करा रहे पाकिस्तान में हुकूमत भले ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के हाथों में होने का ढोंग किया जाता हो, लेकिन असली ताकत किसके पास है? यह बात किसी से छिपा नहीं है। हर व्यक्ति जानता है कि देश की कमान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के हाथ में है, जिसे पाकिस्तान का अघोषित तानाशाह भी कहा जाता है।

अब आप सोच रहे होंगे हम ऐसा क्यों कह रहे है? तो इस बात को ऐसे समझिए कि हाल ही सामने आए ब्रिटिश पत्रिका 'द इकोनॉमिस्ट' की एक रिपोर्ट ने पाकिस्तान की नापाक चाल की पूरी तरह से पोल खोल कर रख दी है। बात इतनी बड़ी है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है।

ऐसा क्या है रिपोर्ट में?

सामने आए रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के अघोषित तानाशाह जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान के नक्शे को पूरी तरह बदलने की योजना बना रहे हैं। इसके तहत देश के चार मुख्य प्रांतों को तोड़कर 12, 15 या उससे ज्यादा छोटे राज्यों में बांटने की तैयारी चल रही है।

समझिए क्या है मुनीर का नया प्लान?

इस बात को ऐसे समझिए कि साल 1947 में पाकिस्तान के बनने के बाद से देश चार प्रमुख प्रांतों पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बंटा हुआ है। इनमें सबसे बड़ा सूबा पंजाब है, जिसकी आबादी 12.8 करोड़ है, जो कि पाकिस्तान की आधी आबादी के बराबर है, जबकि सबसे छोटा बलूचिस्तान है।

ऐसे में बहाने के नाम पर मुनीर का तर्क है कि ये प्रांत प्रशासन चलाने के लिए बहुत बड़े हैं और इसी वजह से देश की हालत खस्ताहाल है, स्थिति ऐसी है कि महंगाई आसमान छू रही है और विकास दर भारत से आधी है। इसलिए बेहतर शासन के लिए इन्हें छोटे हिस्सों में बांटना जरूरी है।

असली मकसद- 'फूट डालो और राज करो'

बात तर्क की हो गई, अब आपको बता दें कि असल में मुनीर का यह प्लान सुधार की आड़ में 'फूट डालों और राज करों' का है। विशेषज्ञों की माने तो इसका असली मकसद देश का विकास करना नहीं, बल्कि अपनी ताकत को और ज्यादा मजबूत करना है।

बात अब योजना की करें तो पाकिस्तान की कठपुतली सरकार की योजना के तहत इन नए छोटे राज्यों की कमान या तो चुने गए नेताओं के पास होगी या फिर सीधे सरकार यानी सेना प्रमुख के चहेते नुमाइंदों के हाथों में।

असली निशाने पर पंजाब और सिंध

योजना के सामने आने के बाद एक बात को साफ हो गई है कि मुनीर के असली निशाने पर पंजाब और सिंध प्रांत को बांटना है। इसका कारण है कि पाकिस्तान की राजनीति में पंजाब और सिंध ऐसे राज्य हैं जहां दो पुरानी पार्टियां PML(N) और PPP का लंबे समय से दबदबा रहा है।

मुनीर के आंखों में खटकने वाली बात यह है कि सैन्य तानाशाही के दौर में भी इन सूबों ने सत्ता के खिलाफ एक वैकल्पिक केंद्र के रूप में खुद को बचाया है। यही वजह है कि अब आसिम मुनीर की नजरें इन्हीं बड़े गढ़ों पर टिकी हैं, ताकि इन्हें तोड़कर इनकी ताकत खत्म की जा सके।

पाकिस्तान की बदहाली का असली गुनहगार कौन?

अब सोचने वाली बात यह है कि मुनीर भले ही देश की खराब आर्थिक हालत का रोना रो रहे हों, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि पाकिस्तान की बर्बादी के लिए खुद पाकिस्तानी सेना ही जिम्मेदार है। 

कैसे? तो इस सवाल का जवाब सेना की तिजोरी और बिजनेस से समझा जा सकता है। कुल मिलाकर, सेना देश के टैक्स के पैसों पर ऐश करती है, देश की सबसे कीमती जमीनों पर उसका कब्जा है और वह ऐसे बिजनेस चलाती है जो अपने सामने किसी टिकने नहीं देते।

इतिहास के पन्नों से भी नहीं ले रहा सीख

इसके इतर, समझना यह होगा कि पाकिस्तान अपनी कुल उम्र के 45% हिस्से से ज्यादा समय तक सीधे सैन्य शासन के अधीन रहा है। बाकी समय जो नाममात्र की सिविल सरकारें रहीं जैसे मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार, वे भी वर्दी वालों के आगे थर-थर कांपती हैं।

और सबसे बड़ी बात सेना जानबूझकर भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्ते बनाए रखती है, क्योंकि देश की तरक्की के लिए भले ही यह जहर हो, लेकिन पाकिस्तानी सेना के भारी-भरकम 'डिफेंस बजट' को जिंदा रखने के लिए यह बहुत जरूरी है। यानी, जिस बीमारी को ठीक करने का दावा मुनीर कर रहे हैं, उस बीमारी की जड़ खुद सेना ही है।

मुनीर की बढ़ती तानाशाही कहां तक?

देखिए रिपोर्ट में आसीम मुनीर को एक शातिर और बेरहम शासक बताया गया है, जो सत्ता हथियाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस बात को ऐसे समझिए कि मुनीर ने PML(N) और PPP के नेताओं को पूरी तरह अपने इशारों पर नचा रखा है, जिसके चलते प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बेहद कमजोर स्थिति में हैं।

दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि देश के सबसे लोकप्रिय नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डाल दिया गया है। उनके समर्थकों के विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचला जा रहा है, और टीवी चैनलों पर उनका नाम लेने तक पर बैन है।

अब समझिए मुनीर के इस प्लान के मायने

कुल मिलाकर, इन तमाम कड़ियों को जोड़ने पर साफ हो जाता है कि मुनीर के इन प्रांतों को तोड़ने का यह प्लान जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि 'फूट डालो और राज करो' की पुरानी औपनिवेशिक नीति का नया रूप है। वजह है चार बड़े सूबों को तोड़ने से वहां की क्षेत्रीय ताकतें कमजोर हो जाएंगी, जिससे राजनेता और दल पूरी तरह सेना प्रमुख के सामने झुकने को मजबूर हो जाएंगे।