इस्लमाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद शहर में सैकड़ों शिक्षक वेतन वृद्धि मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बता दें कि यह देश पहले ही कोरोना की मार झेल रहा है। ऐसे में यह विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गया है। ऐसे में यहां की सरकार के लिए यह प्रदर्शन बड़ी मुसबीत बन सकता है। 

चुनाव कार्य बहिष्कार करने की धमकी 

प्रदर्शनकारियों ने देश में चुनाव कार्य का बहिष्कार करने की धमकी दी है। प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर उतरकर सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया किया है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा है कि यह हमारा प्राथमिक अधिकार है। हम चाहते हैं कि वेतन वृद्धि हो। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो सरकार को बहुत कठिनाई होगी। 

स्कूलों को बंद करने की दी धमकी

इमरान खान की सरकार को गंभीर परिणामों की धमकी देते हुए एक अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम न केवल स्कूलों को बंद करेंगे बल्कि सड़कों को अवरुद्ध करेंगे। सरकार के सभी कर्तव्यों का बहिष्कार करेंगे, जिसमें शिक्षण, ब्लॉक कार्य, चुनाव कार्य, बोर्ड कार्य शामिल हैं।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज

तीसरे प्रदर्शनकारी ने कहा, 'जब तक हमारे अधिकार नहीं मिलते हम अपने कर्तव्यों को फिर से शुरू नहीं करेंगे। यह गैरकानूनी मांग नहीं है। बता दें कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी वेतन वृद्धि के लिए नारे लगा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन के साथ-साथ आसु गैस के गोले का भी इस्तेमाल किया।

उधर, भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति दे दी है। बता दें कि पाकिस्तान पीएम अगले सप्ताह मंगलवार को अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और उच्च स्तर के कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ दो दिन की श्रीलंका यात्रा पर जा रहे हैं और इसके लिए उन्हें भारतीय हवाई क्षेत्र के उपयोग की जरुरत थी।

गौरतलब है कि इससे पहले साल 2019 में पाकिस्तान ने भारत पर जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका और सऊदी अरब की यात्रा के लिए अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग की इजाजत देने से इंकार कर दिया था। 

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