पाकिस्तान में गटर 'कानून लागू', लोग अब मैनहोल के ढक्कनों की कर रहे चोरी; आखिर क्या है माजरा?
पाकिस्तान में मैनहोल ढक्कन चोरी की गंभीर समस्या के चलते पंजाब सरकार ने 'गटर कानून' लागू किया है। मुख्यमंत्री मरियम ...और पढ़ें
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पाकिस्तान में गटर कानून लागू लोग अब मैनहोल के ढक्कनों की कर रहे चोरी आखिर क्या है माजरा (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान में मैनहोल के ढक्कन चोरी होने की समस्या अब इतनी गंभीर हो गई है कि सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े हैं। लगातार हो रही चोरियों और खुले नालों में गिरकर लोगों की मौत के बाद पंजाब प्रांत की सरकार ने नया कानून लागू किया है। अब मैनहोल ढक्कन चोरी करने, बेचने या खरीदने पर लंबी जेल और भारी जुर्माना लग सकता है।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने मैनहोल ढक्कन चोरी के मामले पर सख्त सजा का एलान किया है। इस कानून को औपचारिक तौर पर 'गटर कानून' कहा जा रहा है। मरियम नवाज ने कहा कि जो कोई भी मैनहोल का ढक्कन चोरी करेगा, खरीदेगा या बेचेगा, उसे 1 से 10 साल तक की जेल हो सकती है।
क्या है सजा का प्रावधान?
इसके साथ ही, अगर किसी मैनहोल ढक्कन की चोरी की वजह से किसी व्यक्ति की मौत होती है तो दोषी को 10 साल की जेल और 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भरना होगा।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मरियम नवाज ने मैनहोल ढक्कन चोरी करने वालों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "हम सुबह ढक्कन लगाते हैं और शाम तक वह गायब हो जाता है। गटर के ढक्कन चोरी मत करो।"
हो चुकी हैं कई घटनाएं
इस कड़े फैसले की सबसे बड़ी वजह एक हालिया दर्दनाक हादसा बताया जा रहा है। जनवरी के अंत में लाहौर के डाटा दरबार इलाके में एक महिला सादिया और उसकी नवजात बेटी रिदा फातिमा खुले मैनहोल में गिर गईं, जिससे दोनों की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, उस जगह पर विकास कार्य चल रहा था और मैनहोन खुला हुआ था। इसके अलावा सरगोधा शहर में भी एक बच्चा खुले नाले में गिर गया था, हालांकि समय रहते उसे बचा लिया गया था।
लोग क्यों चुरा रहे हैं मैनहोल के ढक्कन?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में खराब आर्थिक हालात इस चोरी की बड़ी वजह हैं। मैनहोल ढक्कनों में लगे लोहे के छल्ले करीब 30 किलो वजन के होते हैं, जिन्हें कबाड़ बाजार में अच्छे दाम मिल जाते हैं।
विश्व बैंक की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की करीब 45% आबादी गरीबी में रह रही है, जबकि 16.5% लोग बेहद गरीब श्रेणी में आते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2024-25 में 19 लाख और लोग गरीबी की चपेट में आ सकते हैं, जिसकी वजह धीमी आर्थिक वृद्धि और बढ़ती आबादी है।
