इस्‍लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) इलाज के लिए लंदन जाने वाले हैं। उनके भाई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ (shahbaz sharif) भी उनके साथ होंगे। लेकिन, उनके विदेश जाने की राह में खलल पड़ सकती है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने जीओ न्‍यूज Geo News के हवाले से बताया है कि संघीय सरकार और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (National Accountability Bureau, NAB) दोनों नवाज शरीफ का नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (Exit Control List, ECL) से हटाने में हिचकिचा रहे हैं।

जीओ न्‍यूज ने सूत्रों के हवाले से शनिवार को बताया कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो NAB ने एग्जिट कंट्रोल लिस्ट ECL से शरीफ का नाम लेने के बजाय गृह मंत्रालय को लिखित जवाब भेजा है। सूत्रों ने बताया कि सरकार और एनबीए दोनों ही एग्जिट कंट्रोल लिस्ट से शरीफ के नाम को हटाने की जिम्‍मेदारी नहीं लेना चाहते हैं। सरकार शरीफ का नाम सूची से हटाने के लिए अपने अधिकार का इस्‍तेमाल करने से परहेज कर रही है। हालांकि, इससे पहले गृह मंत्रालय राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो NAB की मंजूरी के बिना भी कई नामों को एग्जिट कंट्रोल लिस्ट से हटाया है। लेकिन इस बार इसमें पेंच फंसा हुआ है।

उल्‍लेखनीय है कि सरकार की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड ने सुझाव दिया था कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इलाज विदेश में होना चाहिए। इसके बाद नवाज ने अपने निजी चिकित्सक की सलाह और परिवार के जोर देने के बाद विदेश में इलाज कराना स्वीकार किया। बीते शुक्रवार को पीएमएल-एन के अध्‍यक्ष शहबाज शरीफ ने आवेदन देकर सरकार से शरीफ का नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट से हटाने की गुजारिश की थी। हालांकि, अभी तक इस पर फैसला नहीं आ पाया है। जानकारों की मानें तो यह कदम पूर्व प्रधानमंत्री को लंदन जाने के लिए उड़ान भरने से रोक सकता है।

पाकिस्तानी मीडिया में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि लंदन की हर्ले स्ट्रीट क्लीनिक में नवाज के इलाज की व्यवस्था की गई है। नवाज और शाहबाज पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट से लंदन पहुंचेंगे। सूत्रों का दावा है कि शरीफ परिवार ने न्यूयॉर्क में एक डॉक्टर से बातचीत की है। बता दें कि जेल में सजा काट रहे नवाज शरीफ को गत 22 अक्टूबर को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने अल अजीजिया भ्रष्टाचार मामले में उन्हें मिली सात साल की सजा को आठ सप्ताह के लिए निलंबित करते हुए 29 अक्टूबर को चिकित्सकीय आधार पर उन्हें जमानत दे दी थी। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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