कराची, एएनआइ। पाकिस्तान सरकार देश में बढ़ती महंगाई को लेकर घिरती जा रही है। अब सरकार में उसकी सहयोगी कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने देश में जल्द आम चुनाव का समर्थन किया है। प्रमुख सरकारी सहयोगी का कहना है कि उच्च मुद्रास्फीति के संकट ने पाकिस्तान की समृद्धि को निगल लिया है।

एमक्यूएम-पी के संयोजक खालिद मकबूल सिद्दीकी ने इस बात पर जोर देते हुए कि देश में उच्च मुद्रास्फीति देखी जा रही है, पार्टी ने लोकतंत्र की खातिर सरकार का समर्थन किया था। एआरवाइ न्यूज के अनुसार, एमक्यूएम-पी पीटीआई के नेतृत्व वाली संघीय सरकार से अलग हो सकती है।

इससे पहले शुक्रवार को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के प्रमुख शाहबाज शरीफ ने कहा था कि देश में नए सिरे से चुनाव होना चाहिए। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआइ-एफ) प्रमुख और पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के साथ मीडिया से बात करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि केवल पारदर्शी और तत्काल चुनाव ही देश को पटरी पर ला सकते हैं।

बढ़ती महंगाई की वजह से पाकिस्तान में ईंधन और अन्य चीजों की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। महंगाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है और देशभर में कई रैलियों का आयोजन किया है। डान की रिपोर्ट के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी और अन्य दलों के कार्यकर्ता इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तारिक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) सरकार के खिलाफ लोअर दीर, बट्टाग्राम और मोहमंद के कुछ हिस्सों में सड़कों पर उतर आए।

रिपोर्ट के अनुसार, मुंडा में जेआइ और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआइ-एफ) ने इमरान सरकार की क्रूर नीतियों के कारण सरकार के खिलाफ एक संयुक्त विरोध रैली का आयोजन किया। इसमें कहा गया कि लोगों को अपने परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। बट्टाग्राम में जुमे की नमाज के बाद देश में महंगाई के खिलाफ विभिन्न राजनीतिक दलों ने संयुक्त विरोध प्रदर्शन किया।

Edited By: Manish Pandey