इस्‍लामाबाद, पीटीआइ। प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने मुल्क को आर्थिक तंगी से उबारने के लिए अप्रयुक्त सरकारी संपत्तियों को बेचने का फैसला किया है। पिछले साल सत्ता में आने के बाद इमरान ने प्रधानमंत्री आवास के कई वाहनों, हेलीकॉप्टरों और भैंसों तक को बेच दिया था। लेकिन इससे उन्हें उम्मीद से कम आय हुई थी। आर्थिक मदद पाने की आस में इमरान चीन और सऊदी अरब समेत कई देशों का दौरा कर चुके हैं।

पाकिस्तानी मीडिया में गुरुवार को आई खबर के अनुसार, इमरान सरकार को उम्मीद है कि कीमती सरकारी संपत्तियों की बिक्री से विदेशी और पाकिस्तानी निवेशक आकर्षित होंगे और मुल्क की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। इमरान ने कहा है कि अप्रयुक्त सरकारी संपत्तियों की बिक्री से मिलने वाली रकम का उपयोग जन कल्याणकारी परियोजनाओं पर किया जाएगा।
डॉन अखबार के अनुसार, सरकारी संपत्तियों की बिक्री दुबई एक्सपो में होगी। निजीकरण मामलों के सचिव रिजवान मलिक ने कहा, 'दुबई एक्सपो में अप्रयुक्त सरकारी संपत्तियों को बेचने से विदेशी और पाकिस्तानी निवेशक आकर्षित होंगे।' जबकि न्यूज इंटरनेशनल अखबार में इमरान के हवाले से कहा गया है, 'दुर्भाग्य की बात यह है कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इन बहुमूल्य संपत्तियों की अनदेखी की। हर साल अरबों रुपये के नुकसान के बावजूद उन्होंने इन संपत्तियों का कोई उपयोग नहीं किया।'
अधिकारियों को दी चेतावनी
इमरान ने अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी है कि अप्रयुक्त सरकारी संपत्तियों की पहचान में रोड़ा खड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लक्जरी कारों और भैंसों की हुई थी नीलामी
इमरान सरकार ने पिछले साल सितंबर में आलीशान प्रधानमंत्री आवास के कई बुलेटप्रूफ वाहनों समेत 70 लक्जरी कारें नीलाम की थीं। इसके अलावा चार सरकारी हेलीकॉप्टर और नवाज शरीफ के कार्यकाल में पीएम हाउस में पाली गई आठ भैंसें भी बेची गई थीं।
इनसे मिली आर्थिक मदद
खस्ताहाल पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने इस साल जुलाई में छह अरब डॉलर (करीब 42 हजार करोड़ रुपये) का कर्ज मंजूर किया था। इसके अलावा पाकिस्तान को चीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से भी अरबों रुपये का आर्थिक पैकेज मिल चुका है।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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