रावलपिंडी, जेएनएन। पाकिस्‍तान सरकार ने मुंबई हमलों के मास्‍टर माइंड आतंकी हाफिज सईद को एक बड़ा झटका देते हुए उसके संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। खबरों के मुताबिक, पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत में स्थित हाफिज सईद के संगठन जेयूडी की चैरिटी के काम का जिम्‍मा राज्‍य सरकार ने अपने हाथों में लेने की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है।

पाकिस्‍तान के अखबार डॉन की खबर के मुताबिक, पंजाब की सरकार ने रावलपिंडी में जेयूडी द्वारा संचालित मदरसों और स्वास्थ्य सुविधाओं को अपने हाथों में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चरखा रोड स्थित हुडाबीया मदरसे को सरकार ने अपने नियंत्रण में ले लिया है और एक्‍आफ विभाग से इसका प्रशासन ग्रहण करने को कहा है। पंजाब के जिला प्रशासन ने जमात-उद-दावा के चैरिटी विंग फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआइएफ) द्वारा चरखा रोड, नसीराबाद और शहर के आस-पास के इलाकों में संचालित चार डिस्पेंसरियों पर भी अपना नियंत्रण ले लिया है।

एक्‍आफ विभाग के क्षेत्रीय प्रशासक ज़ाहिद इकबाल ने बताया कि सरकार ने अलहे-हदीस सेक्‍शन के लिए नया खतेब नियुक्त कर दिया है, ताकि वे 300 छात्रों की देखरेख कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रदान की गई सूची के मुताबिक, जिले के अन्य हिस्सों में जेयूडी द्वारा संचालित मदरसों की जांच के लिए एक सर्वेक्षण किया गया है। हालांकि, पर्यवेक्षकों का मानना है कि देश भर में फैले जमात-उद-दावा के कार्यालयों को अपने नियंत्रण में लेना सरकार के लिए बेहद मुश्किल काम होगा।

दरअसल, पाकिस्‍तान ने भारत के मोस्‍ट वॉन्‍टेड आतंकी हाफिज सईद को एक बड़ा झटका देते हुए उसके संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) को आतंकी संगठन घोषित करने की तरफ एक और कदम आगे बढ़ा दिया है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति ममनून हुसैन ने एक बिल पर हस्‍ताक्षर किए हैं जिसका मकसद यूनाइटेड नेशंस सिक्‍योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) की ओर से प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैसे लश्‍कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और तालिबान जैसे संगठनों पर लगाम लगाना है। इसमें हाफिज सईद के संगठन जमात उद दावा का भी नाम शामिल है।

अब तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए व्यक्ति और संगठन पाकिस्तान में स्वत: आतंकी फेहरिस्त में नहीं आते थे। इसी वजह से यूएन की पाबंदियों के बावजूद जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत जैसे हाफिज सईद के संगठन पाकिस्तान में धड़ल्ले से अपना काम कर रहे थे, लेकिन नए संशोधन पर राष्ट्रपति ममनून हुसैन के दस्तखत के बाद अब इन आतंकी संगठनों पर कार्रवाई हो सकेगी।

Posted By: Tilak Raj