इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान सरकार ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा आतंकी हमले करने की आशंका को लेकर देशभर में अलर्ट जारी किया है। गृह मंत्रालय ने एक पत्र जारी कर चारों प्रांतो से किसी भी अवांछित घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का अनुरोध किया है।

पाकिस्तान की संघीय सरकार का बयान

डान अखबार के अनुसार, पाकिस्तान की संघीय सरकार ने कहा है कि इससे पहले टीटीपी कमांडर उमर खालिद खोरासानी और आफताब की मौत के बाद अफगानिस्तान के पक्तिका में टीटीपी से शांति वार्ता के दौरान संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।

टीटीपी का आरोप

पिछले महीने एक पत्र में गृह मंत्रालय ने कहा था कि टीटीपी से सुलह वार्ता को करीब एक वर्ष हो चुके हैं लेकिन आगे की कार्रवाई रुकी हुई है। वहीं, टीटीपी आरोप लगा रहा है कि पाकिस्तान सरकार फाटा से सुरक्षा बलों की वापसी की उसकी मुख्य मांग नहीं मान रही है।

लश्कर आतंकी साजिद मीर पर पाकिस्तान का दोहरा रवैया जारी

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी साजिद मीर को एफएटीएफ की निगरानी सूची से बचाने के लिए पाकिस्तान सारे हथकंडे आजमा रहा है। एक स्वतंत्र भू-राजनीतिक ब्लाग के अनुसार, पाकिस्तान का यह दोहरा खेल इस साल जुलाई में तब सामने आया, जब अमेरिका को पता चला कि पाकिस्तान ने पारस्परिक कानूनी सहायता के लिए संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) से संपर्क किया था, न कि अमेरिकी न्याय विभाग से, जिसने 2011 में मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। 2008 के मुंबई हमले का साजिशकर्ता साजिद भारत के वांछित आतंकियों की टाप लिस्ट में शामिल है।

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Edited By: Ashisha Singh Rajput

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