नई दिल्ली, स्पेशल डेस्क। पाकिस्तान की संघीय कैबिनेट ने मंगलवार को मरियम नवाज को विदेश में उड़ान भरने की अनुमति देने के खिलाफ फैसला किया। मरियम का नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ECL) से बाहर नहीं निकाला गया है। मरियम नवाज PML-N की वाइस प्रेसिडेंट भी है। सरकार के मुख्य प्रवक्ता फिरदौस आशान ने ये घोषणा की। प्रधान मंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसी कांफ्रेंस में प्रवक्ता फिरदौस ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की मीटिंग में विशेष रूप से मरियम के नाम को नो-फ्लाई सूची से हटाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा फैसला लिया गया। 

कैबिनेट के सामने रखे गए थे 24 मामले 

प्रधानमंत्री के विशेष सहायक एवान ने कहा कि कुल 24 मामलों को कैबिनेट के समक्ष एक आंतरिक मंत्रालय के सारांश के माध्यम से लाया गया था जिसमें कोई "वीआईपी का नाम" उजागर नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि कुल 24 में से, ईसीएल में चार नामों को जोड़ने, आठ नामों को सूची से हटाने का निर्णय लिया गया था, आठ मामलों पर निर्णय स्थगित कर दिया गया था और एक नाम को हटाने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया था।

एक कानून और एक समान कानून 

एवान ने कहा कि कैबिनेट ने पूरे पाकिस्तान में एक कानून और एक समान कानून के कार्यान्वयन पर आम सहमति दिखाई और ईसीएल पर कैबिनेट उप-समिति की सिफारिश का समर्थन किया, जिसने ईसीएल से मरियम के नाम को हटाने के लिए कहा था। एक सवाल का जवाब देते हुए, सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि कैबिनेट ने उच्च न्यायालय द्वारा "स्पष्ट निर्देश" दिए जाने के बाद ईसीएल से नवाज शरीफ, मरियम के पिता और पूर्व प्रधान मंत्री का नाम हटाने का फैसला किया था।

आर्थिक अपराध और संस्थागत फर्जीवाड़े में शामिल 

मालूम हो कि मरियम नवाज PML-N (पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज) पार्टी की उपाध्यक्ष भी है। उनके आवेदन को खारिज करते हुए ये दलील दी गई है कि आर्थिक अपराध और संस्थागत फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को देश छोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती। अगस्त 2018 में मरियम का नाम भ्रष्टाचार में सामने आने के बाद उनको नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया गया था। 

संघीय कैबिनेट की उपसमिति ने मरियम का आवेदन खारिज किया 

पाकिस्तान के कानून मंत्री फारोग नसीम की अध्यक्षता में एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ECL) के मामलों को देखने वाली संघीय कैबिनेट की उपसमिति ने मरियम का आवेदन खारिज कर दिया। अवान ने बताया कि वह अपने बीमार पिता की देखभाल के लिए लंदन जाने को लेकर यह सुविधा मांग रही थीं। इस बारे में प्रधानमंत्री के कानूनी मामलों के सलाहकार व वरिष्ठ वकील बाबर अवान ने कहा कि सरकार ने कुछ लोगों के नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में दर्ज कर रखे हैं, ऐसे लोगों को ही विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, ऐसा कानूनी प्रावधान है। 

भ्रष्टाचार और सरकारी निधि को नुकसान पहुंचाने में शामिल को नहीं देती इजाजत 

उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास पाकिस्तान के बाहर जाने के लिए लीगल(वैध यात्रा) दस्तावेज भी हैं तो भी सरकार भ्रष्टाचार और सरकारी निधि को नुकसान पहुंचाने में शामिल व्यक्ति को देश से बाहर जाने से रोक सकती है। उन्होंने कहा कि वास्तव में उपसमिति कैबिनेट का हिस्सा है और मरियम को विदेश यात्रा पर जाने से रोकने की औपचारिक घोषणा संघीय कैबिनेट द्वारा अपनी बैठक में की जा सकती है, ये बैठक मंगलवार को होने वाली है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की कोर कमेटी की हुई बैठक 

हालांकि इससे पहले सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की कोर कमेटी की हुई थी, इस बैठक के बाद सूचना मामलों की प्रधानमंत्री की विशेष सहायक फिरदौस आशिक अवान ने भी कहा था कि सरकार मरियम के अनुरोध को स्वीकार नहीं करेगी। उनको विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, आखिर में वही हुआ।

फैसले से हैरानी नहीं 

हालांकि अब पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) की सूचना सचिव मरियम औरंगजेब ने कहा कि सरकार के फैसले से कोई हैरानी नहीं हुई है, क्योंकि पीटीआई शासन हमेशा पीएमएल-एन नेतृत्व को प्रताड़ित करने के लिए अवसरों की तलाश में रहता है। अब उनके पास ऐसा मौका है तो उम्मीद भी यही लगाई जा रही थी कि वो इजाजत नहीं देंगे, आखिर में वही हुआ।

उनके नाम को नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया गया था, अब उससे बाहर नहीं निकाला गया है भले ही उनके पिता बाहर इलाज करा रहे हैं और मरियम उनकी देखभाल के लिए वहां जानती हैं। इसके बाद भी उनको इसकी इजाजत नहीं दी गई।  

Posted By: Vinay Tiwari

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