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महंगाई की मार से बेहाल पाकिस्तान, 'स्मार्ट लॉकडाउन' लगाने की कर रहा तैयारी; कारोबारियों में गहरी चिंता

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:45 PM (IST)

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।

महंगाई की मार से बेहाल पाकिस्तान।  (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

महंगाई की मार से बेहाल पाकिस्तान। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं।

  2. सरकार ईंधन खपत घटाने को 'स्मार्ट लॉकडाउन' पर विचार कर रही।

  3. कारोबारी चिंतित, जमात-ए-इस्लामी ने देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट और युद्ध के बादलों ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को झकझोर कर रख दिया है, जिसका सबसे बुरा असर आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान पर पड़ रहा है।

हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि शहबाज शरीफ सरकार ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के लिए एक बार फिर 'स्मार्ट लॉकडाउन' और व्यापक स्तर पर बचत के उपायों पर विचार कर रही है, जिससे आम जनता और कारोबारियों में गहरी चिंता छा गई है।

आसमान छूती ईंधन की कीमतें और बेबस आम आदमी

पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत में 4.10 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 6.41 रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया गया है। इसके बाद पेट्रोल बढ़कर 384.34 रुपये और डीजल 415.83 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

यह उछाल ऐसे समय में आया है जब होर्मुज और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सुरक्षा हालात बिगड़ने तथा सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो गई है।

'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा मंत्री अवैस लेघारी और जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है, जिसे झेलने में पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की सांसें उखड़ने लगी हैं।

हालांकि, सरकार ने प्रधानमंत्री की 'फ्यूल रिलीफ स्कीम' के तहत मोटरसाइकिल चालकों को प्रति सप्ताह पांच लीटर और कार मालिकों को हर 10 दिन में 10 लीटर रियायती पेट्रोल देने की घोषणा की है, लेकिन जनता के लिए यह राहत ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।

जमात-ए-इस्लामी ने दी देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी

खपत में कटौती के लिए सरकार कोविड काल या पिछले संकटों की तर्ज पर 'स्मार्ट लॉकडाउन' लागू करने के विकल्पों पर मंथन कर रही है, जिसके तहत चार दिन का कार्य सप्ताह और बाजारों को जल्दी बंद करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। हालांकि, बाजारों के जल्दी बंद होने के प्रस्ताव का कारोबारी समुदाय पहले ही कड़ा विरोध कर रहा है।

दूसरी ओर, बढ़ती महंगाई के खिलाफ दक्षिणपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने भी अगले हफ्ते देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जिससे सरकार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)