जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को वर्ष 2022-2026 के लिए देश की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति (नेशनल सिक्यूरिटी पालिसी आफ पाकिस्तान) जारी की। इसमें भी पाकिस्तान कश्मीर का राग अलापने से बाज नहीं आया है। इसके अलावा उसने भारत सरकार द्वारा हिंदुत्व को बढ़ावा देने को लेकर भी प्रलाप किया है। संकेत साफ है कि उसके साथ रिश्तों में सुधार आने की गुंजाइश नहीं है, बल्कि तल्ख रिश्तों में दूरी और बढ़ सकती है।

नई नीति में दूसरे सभी पड़ोसी देशों की तरह भारत के बारे में भी पैराग्राफ है। इसकी शुरुआत इस तरह की गई है, 'पाकिस्तान दूसरे पड़ोसी देशों की तरह भारत के साथ भी रिश्तों को सुधारना चाहता है। जम्मू-कश्मीर मुद्दे का न्यायपूर्ण एवं शांतिपूर्ण तरीके से समाधान इसका सबसे बड़ा पहलू बना हुआ है। भारत में हिंदुत्व आधारित राजनीति काफी चिंता की बात है और यह पाकिस्तान की सुरक्षा को प्रभावित करती है। पाकिस्तान को लेकर आक्रामकता को राजनीतिक मुद्दे के तौर पर अपनाने से हमारी पूर्वी सीमा पर एक नया खतरा पैदा हो गया है। इसके साथ ही भारत तेजी से हथियार जमा कर रहा है और आधुनिक तकनीक से भी सुसज्जित हो रहा है जो पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण है।'

भारत के साथ अपने सारे मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है पाकिस्तान

नई नीति में इसे क्षेत्रीय स्थायित्व के लिए भी खतरा बताया गया है। पाकिस्तान ने यह आरोप भी लगाया है कि भारत उसके बारे में भ्रामक प्रचार में जुटा है। अंत में कहा गया है कि पाकिस्तान भारत के साथ अपने सारे मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है, लेकिन भारत का मौजूदा रवैया इसकी राह में एक बड़ी बाधा है। जम्मू-कश्मीर को लेकर अलग से नीति में एक पैराग्राफ दिया हुआ है जिसमें कहा गया है कि इस मुद्दे का न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाधान पाकिस्तान के राष्ट्रीय हित में है, लेकिन ऐसा नहीं होने का पूरा ठीकरा भारत पर फोड़ा गया है।

मालूम हो कि यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने भारत में हिंदुत्व की बात को मुद्दा बनाने की कोशिश की है। तीन दिन पहले इमरान खान ने इंटरनेट मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार पर इस तरह के आरोप लगाए थे। विदेश मंत्रालय ने पूर्व में कई बार पाकिस्तान की तरफ से लगाए गए इस तरह के आरोपों का जवाब दिया है।