इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान का आतंकियों से प्रेम इतनी जल्दी खत्म होने वाला नहीं हैं। एक बार फिर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धता को साबित करने में विफल रहा है। हाल ही में देश की अदालत ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड सहित छह आतंकवादियों को रिहा कर दिया था।

इनसाइड ओवर के अनुसार, रिहा किए गए लोगों की पहचान प्रोफेसर मलिक जफर इकबाल, नसरुल्ला, समीउल्लाह, याह्या मुजाहिद, हाफिज अब्दुल रहमान मक्की और उमर बहादुर के रूप में हुई है। मक्की को छोड़कर, सभी पांचों आतंकवादियों को नौ साल कैद की सजा सुनाई गई थी।

मुंबई आतंकवादी हमले में छह आतंकियों को लश्कर-ए-तैयबा (एलइटी) के संस्थापक आतंकवादी हाफिज सईद ने सलाह दी थी। सईद को कई बार पाकिस्तान की अदालत ने दोषी ठहराया और बाद में बरी भी कर दिया गया। पाकिस्तान में आतंकवादी समूह जांच से बचने और आरोपों का मुकाबला करने के लिए अपने संगठनों के नाम बदलते हैं।

इससे पहले, इस साल अप्रैल में न्यूयार्क स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्ट-अप ने खुलासा किया था कि पाकिस्तान ने चुपचाप अपनी आतंकी निगरानी सूची से लगभग 4,000 आतंकवादियों के नाम हटा दिए हैं। हटाए गए नामों में लश्कर नेता और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड जाकिर उर रहमान लखवी और कई अन्य शामिल हैं।

इनसाइड ओवर के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्ट-अप कैस्टेलम ने खुलासा किया है कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने अक्टूबर 2018 में देश की आतंकी निगरानी सूची में 7,600 नाम रखे थे। इसके बाद, यह पाया गया कि 9 और 27 मार्च के बीच के आंकड़ों से पता चला है कि पाकिस्तान ने प्रतिबंधित व्यक्ति सूची से 1,069 नाम हटा दिए।

दूसरी ओर 2020 में संयुक्त राष्ट्र समिति ने हाफिज सईद को अपने परिवार की मदद के लिए अपने बैंक खाते का उपयोग करने की अनुमति दी थी। संयुक्त राष्ट्र समिति ने कहा कि हाफिज सईद के बुनियादी खर्चों के लिए पाकिस्तान के अनुरोध पर कोई आपत्ति नहीं होने पर अध्यक्ष ने अपील को मंजूरी दे दी है। इससे पहले, हाफिज सईद के बैंक खातों को पाकिस्तानी सरकार ने यूएनएससी के प्रस्ताव का अनुपालन करते हुए फ्रीज कर दिया था

Edited By: Manish Pandey