इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तारिन ने सोमवार को कहा कि दो अफगान युद्धों में पाकिस्तान की भागीदारी ने देश की अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर दिया और देश की जनता की आय पर भी प्रभाव पड़ा है। डान अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने शनिवार को पंजाब यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के एलुमनाई एसोसिएशन के वार्षिक महोत्सव में बोलते हुए यह टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में दो युद्धों में भाग लिया- एक 1980 के दशक के दौरान और दूसरा बुश प्रशासन के दौरान अमेरिका द्वारा शुरू किया गया 'आतंक पर युद्ध'। मंत्री ने कहा कि वर्तमान पाकिस्तानी सरकार ने राष्ट्रीय विकास के लिए लघु, मध्यम और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की हैं। तारिन ने कहा कि देश को समावेशी और सतत विकास की जरूरत है और राजस्व बढ़ाने और उत्पादक क्षेत्रों में वृद्धि पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केवल विकास ही पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) और विश्व बैंक के कार्यक्रमों से बचने में मदद कर सकता है।

मंत्री ने कहा कि 1960 के दशक में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था दक्षिण कोरिया की तुलना में काफी बेहतर थी, लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति आय 1,500 डालर है, जो दक्षिण कोरिया की प्रति व्यक्ति आय से काफी कम है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान खुद को अफगानिस्तान में युद्ध के एक पीड़ित के रूप में दिखाता है।

पाकिस्तान ने कहा है कि उसे अफगानिस्तान युद्ध से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उसने जोर देकर कहा है कि इस वजह से 80,000 से ज्यादा लोग हताहत हुए हैं और 150 अरब अमरीकी डालर से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। सितंबर में पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा था कि अफगानिस्तान के बाद, पाकिस्तान को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जो दशकों से अफगान संघर्ष का सबसे बड़ा शिकार रहा है। उन्होंने कहा था, 'दुनिया के सभी देशों के मुकाबले पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है यहां 80,000 से ज्यादा लोग हताहत हुए हैं और 150 अरब अमेरिकी डालर से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है।'

Edited By: Neel Rajput